
मेरठ। जेल में बंद बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने अपनी रिहाई के लिए पांच जमानत प्रार्थना पत्र लगाए हैं। उनके जमानती प्रार्थना पत्र लगाते ही पुलिस ने उन पर रासुका की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) लगाने के लिए पुलिस का रास्ता साफ हो गया है। इसी बीच, योगेश वर्मा के अधिवक्ता की तरफ से एसीजेएम कोर्ट संख्या 10 में पांच मुकदमों में अलग-अलग पांच जमानत प्रार्थना पत्र लगा दिए गए थे। जमानती प्रार्थना पत्र के लगते ही पुलिस ने भी रासुका लगाने की अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
साफ हुआ रासुका लगाने का मामला
दो अप्रैल को हुई हिंसा प्रकरण में बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा के खिलाफ कंकरखेड़ा थाने में पांच मुकदमें दर्ज हुए थे। जिनकी अपराध संख्या 358, 362, 363, 364, 365 है। इन मुकदमों में 12-12 धारा लगी हुई है। योगेश वर्मा के अधिवक्ता ने उनकी तरफ से अदालत में पांचों मुकदमों में जमानत लेने के लिए प्रार्थना पत्र लगाए। जिन पर सुनवाई के बाद जमानत खारिज कर दी गई। बता दें कि मेरठ की पूर्व एसएसपी मंजिल सैनी ने अपने कार्यकाल के दौरान ही कहा था कि योगेश वर्मा के खिलाफ रासुका लगाई जाएगी। रासुका लगाने के लिए नियम है कि जब तक आरोपित जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में नहीं लगाता, तब तक रासुका की प्रक्रिया नहीं हो सकती। जैसे ही पुलिस को पता चला कि बसपा के पूर्व विधायक ने जमानत प्रार्थना पत्र लगा दिए हैं तो पुलिस ने भी अपनी रासुका की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि हमें जानकारी मिल चुकी है कि योगेश वर्मा ने अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र लगा दिया है। इसलिए अब उसके खिलाफ रासुका की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
इन आरोपों में गए थे जेल
एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दो अप्रैल को जिले में हुई हिंसा के आरोप में जेल में बंद बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर पुलिस ने रासुका की तैयारी शुरू कर दी है। विधायक पर नौ मुकदमें दर्ज हैं। केस डायरी मजबूत करने के लिए मीडिया रिपोर्ट के अलावा लोगों की गवाही भी ली जा रही है।
Published on:
4 May 2018, 12:25 PM IST
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