पीड़ित मौलवी ने बताया कि इससे पहले कभी भी हमारे साथ ऐसा नहीं हुआ है। वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस इसे सीटों को लेकर विवाद मान कर चल रही है। हालांकि, अभी देश में जैसा माहौल है। उसे देखते हुए धार्मिक कट्टरता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सच्चाई क्या है, इसका पता तो जांच के बाद ही चल पाएगा। दिल्ली से सहारनपुर जाने वाली ट्रेन में बागपत के एक मौलवी अपने रिश्तेदारों के साथ अपने गांव चैहल्दा लौट रहे थे। वे सभी अपने सिर पर रुमाल बांधे हुए थे। इसी दौरान रास्ते में उनके साथ मारपीट हो गई। कुछ लोगों का कहना है कि ट्रेन बागपत के अहेड़ा रेलवे स्टेशन के पास जैसे ही पहुंची तो कुछ शरारती युवक ट्रेन में सवार हो गए और सीट पर बैठने को लेकर उनका झगड़ा मौलवी के भतीजे से हो गया, जिसमें मौलवी के भतीजे के साथ मारपीट हो गई। हालंकी, पीड़ित ने सीट के लिए लड़ाई जैसी बात से इनकार करते हुए कहा है कि उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बयाना गया, क्योंकि उनके सिर पर मुसलमानों द्वारा बांधे जाने वाला रुमाल था।