
मेरठ। बेटे की शादी में हर्ष फायरिंग के आरोपी पूर्व मंत्री और सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ को पुलिस बेटे समेत अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस हालांकि दबिशें डाल रही है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पा रही है, इस पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच, डीएम अनिल ढींगरा ने पूर्व मंत्री के दो शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं और शस्त्र थाने में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
अखिलेश सरकार में एससी-एसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ और उनके बेटे हिमांशु पर शादी में हर्ष फायरिंग का आरोप है। हिमांशु की शादी 30 जनवरी को लालकुर्ती थाना क्षेत्र के एक मंडप में थी। यहां मुकेश सिद्धार्थ और उनके दूल्हे बेटे हिमांशु ने हर्ष फायरिंग की थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी अजय साहनी के निर्देश पर दोनों के खिलाफ लालकुर्ती थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस अभी तक दोनों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है, जबकि पुलिस का दावा है कि दोनों की गिरफ्तार के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ का फोन लगातार चल रहा है। इसके बावजूद पुलिस उनकी लोकेशन नहीं ले पा रही है।
मुकेश सिद्धार्थ और उनके बेटे हिमांशु ने कोर्ट में सरेंडर की अर्जी डाली है। इसमें 14 मार्च को सुनवाई होनी बताई गई है। बताते हैं कि पुलिस पिता-पुत्र के सरेंडर होने का इंतजार कर रही है। सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ ने आरोप लगाया है कि उनको साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। इसी बीच, डीएम ने मुकेश सिद्धार्थ के दो शस्त्र लाइसेंसों को निलंबित कर दिया। इनमें से एक उनकी पत्नी के नाम से बताया गया है। डीएम ने दोनो शस्त्र थाने में जमा करने के लिए कहा गया है। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
Published on:
08 Mar 2020 11:11 am
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