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समय पर यूपी बोर्ड परीक्षाआें का रिजल्ट आए, इसलिए अपनाया जा रहा यह फार्मूला!

मेरठ में यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाएं चेक करने के लिए परीक्षकों की चल रही कमी  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 25 Mar 2018, 8:30 PM IST

meerut

मेरठ।यूपी बोर्ड की परीक्षाआें के उत्तर पुस्तिकाआें के मूल्याकंन का कार्य समय से पूरा हो, इसके लिए रविवार को भी कापियां जांची जा रही हैं। रविवार को अष्टमी और नवमी होने के कारण भी अवकाश था, लेकिन फिर भी बोर्ड ने परीक्षकों को कोई अवकाश नहीं दिया और रविवार को भी मूल्यांकन का कार्य जारी रखा। मेरठ में यूपी बोर्ड के मूल्यांकन का आज नौवां दिन था। मूल्यांकन का कार्य धीमी गति से होने के कारण परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो पाएगा इसमें संशय की स्थिति बनी हुई है। इसलिए अवकाश के दिन भी काॅपियां जांची जा रही हैं।

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वित्तविहीन परीक्षकों ने मना किया

अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर परीक्षकों की कमी लगातार चल रही है। वित्तविहीन परीक्षकों के कापी चेक करने से मना करने के बाद से स्थिति और खराब हुई है। परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों से कहा गया है कि वे परीक्षकों के मूल्यांकन केंद्रों पर न आने पर कार्रवाई करें, लेकिन अभी तक किसी मूल्याकंन केंद्र व्यवस्थापक ने किसी वित्तविहीन परीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

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बोले केंद्र व्यवस्थापक

राम सहाय स्कूल में बने मूल्यांकन केंद्र के केंद्र व्यवस्थापक एसएन त्यागी ने बताया कि वित्तविहीन शिक्षकों की डयूटी कापी चेक करने में लगाई गई है। लेकिन कोई शिक्षक कापी चेक करने नहीं आ रहा है। कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उनका कहना था कि लिखकर ऊपर दिया जा चुका है। वहीं से कार्रवाई होगी। जबकि उनके स्कूल में भी वित्तवहीन शिक्षक कार्यरत हैं।

दो लाख कॅापियों का मूल्यांकन

राम सहाय स्कूल में करीब दो लाख कापियों का मूल्यांकन हो रहा है। इसको जांचने के लिए आठ परीक्षा कक्ष में करीब 250 शिक्षक कार्य कर रहे हैं। केंद्र व्यवस्थापक ने कहा कि कापी को जांचने का कार्य समय पर करने के लिए बहुत दबाव है। एक तो शिक्षकों की कमी और ऊपर से वित्तविहीन शिक्षकों के न आने से थोड़ा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी अलग से शिक्षकों की व्यवस्था करके कापियों को जांचने का कार्य समय से पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

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