
यूपी-एनसीआर में इन दो हफ्तों में छा जाएगा दिन में अंधेरा, रहें होशियार, मौसम वैज्ञानिकों ने संभावना जतार्इ
मेरठ। अक्टूबर में मौसम वेस्ट यूपी-एनसीआर के लोगों के लिए बदलने वाला होगा। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को एतिहात बरतने के लिए कहा है। उनका कहना है कि यदि यहां के लोगों ने सतर्कता नहीं बरती तो उन्हें काफी बीमारियों के कारण मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी। उन्होंने कहा कि हवा में उड़ रहे धूल के महीन कण आैर हल्के बादलों के बीच स्माॅग का असर बढ़ रहा है। दिन में बादल छा रहे हैं तो रात को आकाश में सफेद चादर बिछ रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने होशियार रहने के लिए कहा है, साथ ही संभावना जतार्इ है कि यदि इस पर काबू नहीं पाया तो दिन में अंधेरा छा सकता है।
धूल के कण हवा में उड़ रहे हैं
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हरियाणा आैर पंजाब के किसान धान के अवशेष इन दिनों जलाते हैं, इसलिए इसमें एतिहात बरतने की जरूरत है। इसके कारण एनसीआर आैर वेस्ट यूपी के जनपदों में इसका बेहद बुरा असर पड़ रहा है। यहां वायु प्रदूषण का स्तर धान के अवशेष जलने से बढ़ जाएगा। धुंध आैर आकाश में हल्के बादल से स्माॅग का खतरा बढ़ जाएगा। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही ने बताया कि धान के अवशेष जलाए जाने से 100 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहने वाला प्रदूषण का स्तर 300 से ज्यादा पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि अभी एेसे हालात नहीं हैं कि दिन में अंधेरा छा जाए, लेकिन अक्टूबर के आखिरी सप्ताह आैर नवंबर के पहले सप्ताह में दिन में अंधेरा छाने की संभावना है। हवा की गति कम होने से धूल के कारण वायुमंडल में तैर रहे हैं, जिससे यह स्थिति ठीक नहीं कही जा सकती।
Updated on:
19 Oct 2018 09:50 am
Published on:
19 Oct 2018 09:50 am
