
दिल्ली में फिर से सांस लेना हुआ मुश्किल, हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंची
नई दिल्ली। हाल ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल ही में हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार जरुर हुआ लेकिन सोमवार से फिर से हवा की गुणवत्ता गिरती चली गई। दिल्ली की आबोहवा फिर से खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार को कई जगह पर हवा की क्वालिटी अत्यंत गंभीर स्तर पर दर्ज हुई। मंगलवार सुबह आठ बजे अधिकतर स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) छह जगहों पर 500 से ऊपर रिकॉर्ड हुआ। नरेला में AQI 765 (PM 10 765 PM 2.5 - 432) देखा गया। रोहिणी में AQI 712 (PM 10 712 PM 2.5 - 528) रहा। जहांगीरपुरी में AQI 638 दर्ज हुआ। डीटीयू और आनंंद विहार में AQI क्रमश: 606, 597 रहा। वही आरके पुरम, पंजाबी बाग, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम समेत कई जगहों पर हवा की गुणवत्ता 200 - 300 के बीच रही।
गौरतलब है कि सूचकांक शून्य से 50 तक होने पर हवा को ‘अच्छा’, 51 से 100 होने पर ’संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 से ‘खराब’, 301 से 400 तक ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद को छोड़कर दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों की वायु गुणवत्ता खराब से बहुत खराब की श्रेणी में बनी हुई है। वहीं, सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक अगले दो से तीन दिन मौसम भी हवा की गुणवत्ता के विपरीत रहेगा। ऐसे में वायु प्रदूषण की यह स्थिति बरकरार रहने का अनुमान है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
प्रदूषण को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत भी चिंतित है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से कहा कि उसके पास आई शिकायतों पर सुनवाई क्यों नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सीपीसीबी को सोशल मीडिया साइट पर दिल्ली में वायु प्रदूषण के बारे में मिली कुल शिकायतों में से करीब 250 शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है।
Published on:
27 Nov 2018, 9:14 AM IST
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