
अयोध्या मामले में शनिवार को फैसला सुनाने वाली पीठ के सभी सदस्य आज रात राष्ट्रीय राजधानी स्थित होटल ताज मानसिंह में डिनर (रात्रिभोज) करेंगे। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ में न्यायमूर्ति एसए बोबडे, न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एसए नजीर शामिल हैं। सुनने में आया है कि गोगोई आज सुबह सुनाए गए फैसले को लेकर लगातार रही व्यस्तता के बाद पीठ के अन्य सदस्यों को राहत दिलाने के लिए उनके साथ बाहर जाना चाहते थे।
सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा गया था फैसला
पांच सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई छह अगस्त को शुरू की थी, जिसके बाद 40 दिन तक प्रतिदिन सुनवाई करने के बाद पीठ ने 17 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने अपने फैसले में विवादित भूमि के अंदरूनी और बाहरी चबूतरे को एक ट्रस्ट के सदस्यों को मंदिर बनाने के लिए देने का फैसला किया है।
इलाहाबाद HC ने जमीन को बांटा था तीन हिस्सों में
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में अपने फैसले में विवादित 2.77 एकड़ भूमि को तीनों पक्षों- राम लला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड में बराबर बांट दिया था। सुप्रीम कोर्ट की पीठ के सदस्यों ने शनिवार को सर्वसम्मति से इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए विवादित जमीन राम लला को सौंप दी।
1,045 पन्नों में लिखा गया फैसला
प्रधान न्यायाधीश ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात कर राज्य में कानून-व्यवस्था की वस्तुस्थिति की जानकारी ली थी। इसके बाद रात नौ बजे सुप्रीम कोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर शनिवार को फैसला सुनाने की अधिसूचना जारी कर दी। फैसला 1,045 पन्नों में लिखा गया। पांच सदस्यीय पीठ ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में किसी प्रमुख स्थान पर मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि दे।
Updated on:
09 Nov 2019 05:49 pm
Published on:
09 Nov 2019 04:39 pm
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