
नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना स्थित गांधी मैदान में रविवार को दीन (धर्म) बचाओ, देश बचाओ' सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इमारत शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में मुस्लिम समुदाय के लोखों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में इस्लाम और देश पर मंडरा रहे खतरे के विरोध में सड़कों पर उतरने की घोषणा की गई थी। बता दें कि 'इमारत-ए-शरिया' बिहार, झारखंड एवं ओडिशा का संगठन है। इसका गठन 1921 में किया गया था। संगठन का मकसद शरिया के तहत आने वाले मुद्दों से मुस्लिमों को रू—ब—रू कराना था। सम्मेलन में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सड़कों पर उतरेंगे लोग
सम्मेलन का शुभारंभ अमीर-ए- शरीयत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी ने किया। बताया गया कि सम्मेलन का उद्देश्य लोगों को उन ताकतों से सचेत करना हैं, जो सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे के खिलाफ हैं। वहीं, इमारत शरिया के नाजिम अनीसुर रहमान कासमी ने कहा कि यह एक गैर राजनीतिक सम्मेलन है। जिसका किसी भी सियासी दल से कोई संबंध नहीं है। बता दें कि पिछले कई सालों में ऐसा पहली बार देखने को मिला, जब मुस्लिम समुदाय के लोग दीन और देश बचाने के लिए सड़कों पर उतरे। जानकारी के अनुसार इससे पहले एआईएमपीएलबी और इमारत शरिया तीन तलाक को लेकर देश भर में प्रदर्शन कर चुके हैं। जिसके बाद अब दोनों संगठन इस्लाम और देश पर खतरे को लेकर बड़े आयोजन कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से सम्मेलन में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढ़ंग से निपटाने के लिए 5000 सुरक्षाकर्मी, 300 दंडाधिकारी व 350 पुलिस अफसरों की तैनाती की गई। इसके साथ ही इमरजेंसी सेवाओं लिए एंबुलेंस व डॉक्टर्स की व्यवस्था की गई। वहीं आयोजकों का दावा किया है कि सम्मेलन गांधी मैदान में अब तक आयोजित सभी सम्मेलनों और रैलियों का रिकॉर्ड तोड़ेगी।
Published on:
15 Apr 2018 03:26 pm
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