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Coronavirus: केंद्र सरकार ने कंपनियों से कहा अभी न छंटनी करें और न किसी का पैसा काटें

कोरोना वायरस के दौरान कंपनियों से की गई अपील पीएम मोदी पहले ही कर चुके हैं कंपनियों से आग्रह बेरोजगार और पैसा कटने से कर्मचारियों पर पड़ेगा बुरा असर
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नई दिल्ली

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Prashant Kumar Jha

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Updated: 23 Mar 2020, 11:00 PM IST

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Coronavirus: केंद्र सरकार ने कंपनियों से कहा- न छंटनी करें और न किसी का पैसा काटें

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए देश के अधिकांश शहरों में लॉकडाउन के बीच केंद्र सरकार ने निजी और सार्वजनिक कंपनियों के कर्मचारियों को लेकर चिंता जताई है। केंद्र सरकार ने इन क्षेत्रों की कंपनियों से कहा है वे इस संकट की घड़ी में कर्मचारियों की न ही छंटनी करें और न ही उनका वेतन काटें।

पीएम मोदी पहले भी कर चुके हैं अपील

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव हीरालाल समरिया ने इस बाबत सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले ही बिजनेस समुदाय और उच्च आय वर्ग के लोगों से भी इस तरह की अपील कर चुके हैं।

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श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधिकारी ने सभी राज्यों को लिखा पत्र

लेबर सेक्रेटरी हीरालाल सामरिया ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को जारी पत्र में कहा है कि कोरोना वायरस से पैदा संकट के बीच कर्मचारियों की सहूलियतों का ध्यान रखना जरूरी है। सभी पब्लिक और प्राइवेट कंपनियों को सुझाव दिया जाता है कि वे इस दौरान किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं करेंगे और न ही उनका पैसा काटेंगे। अगर कोई कर्मचारी छुट्टी लेता है तो भी वह ड्यूटी पर माना जाएगा। नियमित और संविदा दोनों तरह के स्टाफ की सेवा सुरक्षा का ख्याल रखा जाए।

ईपीएफओ ने भी सैलरी नहीं काटने की अपील की

लेबर सेक्रेटरी ने कहा है कि इस विपरीत परिस्थिति में अगर किसी कर्मचारी को टर्मिनेट किया जाता है तो इससे स्थिति और खराब होगी। किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई इस महामारी से लड़ने में उसकी इच्छाशक्ति को कम करेगा। लेबर सेक्रेटरी ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से अपने राज्य में स्थित निजी और सार्वजनिक कंपनियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है।

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने भी सभी नियोक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे अपने ऐसे किसी कर्मचारी का वेतन न काटें जो बीमारी या सोशल डिस्टेंसिंग के कारण कार्य करने में असमर्थ हैं।