27 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ISRO की मदद से कम रहा चक्रवाती तूफान फानी का असर, ऐसे बची हजारों की जान

तूफान फानी ने ओडिशा में जमकर तबाही मचाई है ISRO ने हिंद महासागर में हलचल पैदा होते ही बरती थी सतर्कता खास तैयारियों के चलते बच गईं हजारों की जान
less than 1 minute read
Google source verification
Fani cyclone

नई दिल्ली। फानी तूफान ने ओडिशा में अपना कहर बरपाया। हजारों लोगों को प्रभावित करने वाले इस तूफान में अबतक 16 लोगों की जान चुकी है। ओडिशा में कहर बरपाने के बाद यह तूफान 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम बंगाल के खड़गपुर पहुंचा। इसके बाद तूफान ने अपना रूख बांग्लादेश की ओर कर लिया। हालांकि, इस तूफान ने ओडिशा में तांडव तो खूब मचाया, लेकिन भारत में इसके लिए पहले से ही की गईं तैयारियों के कारण यहां जान का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। इस असरदार तैयारियों में सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा इसरो (ISRO) का।

ISRO ने उठाया था यह कदम

दरअसल, ISRO ने इस खतरनाक तूफान फानी के बारे में पहले ही पता लगा लिया था, जिसके चलते हजारों लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने तूफान आने के हफ्तेभर पहले ही दक्षिणी हिंद महासागर में हो रही एक बड़ी हलचल का पता लगाया था। इस हलचल के भयंकर चक्रवाती तूफान में बदलते ही ISRO ने इसपर पांच सैटेलाइट केंद्रित कर दिए, जो हर 15 मिनट का डेटा ग्राउंड स्टेशन में भेज रहे थे। इस सतर्कता और तैयारी ने तूफान को तबाही मचाने से रोका।

यह भी पढ़ें- राजीव गांधी पर पीएम मोदी के बयान से बवाल, भड़के राहुल-प्रियंका ने कहा- मेरे पिता का नाम लेकर भी बच नहीं पाएंगे

पूर्वानुमान से बची जान

इस बारे में IMD ने इस बारे में बताया कि सैटेलाइट INSAT-3D, INSAT-3DR, स्कैटसैट-1, ओशनसैट-2 और मेघा ट्रॉपिक की मदद से उन्हें यह सफलता मिली। इनके द्वारा मिले डेटा के प्रयोग से फानी तूफान के आसपास की तीव्रता, क्लाउड कवर जैसे तथ्यों का अध्ययन कर पूर्वानुमान लगाया गया था।