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Lockdown के बीच 29 अप्रैल को खुलेगा केदारनाथ का कपाट, भक्त नहीं कर पाएंगे दर्शन

कोरोना की वजह से इस बार भक्तों के लिए नहीं खुलेगा कपाट बर्फ काटकर रास्‍ता बनाने में जुटे हैं लोग चारधाम यात्रा से पहले शिवालय में हुआ सुंदरकांड का पाठ
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 22 Apr 2020, 1:59 PM IST

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नई दिल्ली। इस बार पूरा देश कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण भले ही जकड़ा हुआ है, लेकिन भगवान शिव शंकर के प्रसिद्ध ज्‍योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट समय में खोलने के लिए प्रशासन और लोग यात्रा मार्ग की बर्फ हटाने में जी जान से जुटे हैं। इस बार भी केदारनाथ का कपाट 29 अप्रैल को दर्शन के लिए खुलेगा। लेकिन इस बार कोरोना वायरस संकट की वजह से केदारनाथ के भक्त उनका दर्शन नहीं कर पाएंगे।

रुद्रप्रयाग के जिला मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि इस बार केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी सहित केवल 16 लोग ही कपाट खुलने के समय उपस्थित हो सकते हैं। कोरोना की वजह से इस बार भक्तों को दर्शन की इजाजत नहीं है।

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वहीं श्री बदरीनाथ धाम के कपाट अपने पूर्व निर्धारित तिथि एवं समय 30 अप्रैल प्रात: 4 बजकर 30 मिनट पर खुलेंगे। इस यात्रा वर्ष श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट 29 अप्रैल को प्रात: 6 बजकर 10 मिनट पर खुल रहे है। श्री गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया 26 अप्रैल दिन में 12 बजकर 35 मिनट पर खुलेंगें। इसी तरह श्री यमुनोत्री धाम के कपाट 26 अप्रैल को मध्यान 12 बजकर 41 मिनट में खुलेंगे। बता दें कि इस वक्‍त केदारनाथ यात्रा मार्ग के बड़े हिस्‍से में काफी बर्फ जमी हुई है। मंदिर के पट खुलने से पहले यात्रा मार्ग को खोलना प्रशासन के लिए चुनौतीभरा काम है।

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प्रदेश में चार धाम यात्रा की शुरूआत से पहले मंगलवार को पल्टन बाजार स्थित जंगम शिवालय चार धाम यात्रा समिति की ओर से सुंदर कांड का पाठ किया गया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मानव कल्याण की कामना और कोरोना महामारी की शांति की प्रार्थना की गई। चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ‌ममगांई‌ ने बताया कि केदारनाथ आपदा के बाद हर साल और चारधाम यात्रा की शुरूआत से पहले विकास समिति सुंदरकांड का पाठ करती है।