2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

मार्क जुकरबर्ग का वादा, भारतीय चुनावों में बरतेंगे ईमानदारी

फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने अमरीकी सीनेट में सुनवाई के दौरान कहा कि वह चुनावों की अखंडता और उनकी पवित्रता सुनिश्चित करना चाहते हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Siddharth Priyadarshi

•

Updated: 11 Apr 2018, 2:52 PM IST

mark zuckerberg

नई दिल्ली। फेसबुक संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने डेटा लीक मामले में अमेरिकी सीनेट के सामने पेश होकर माफी मांगी है। फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने सुनवाई के दौरान कहा कि वह चुनावों की अखंडता और उनकी पवित्रता सुनिश्चित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि," वह भारत, हंगरी और ब्राजील सहित कई देशों में आने वाले चुनावों के महत्व को जानते हैं।" उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जहां 2018 और 2019 में कई महत्वपूर्ण चुनाव हैं। जुकरबर्ग ने कहा कि उनकी कंपनी इन चुनावों की पवित्रता और अखंडता सुनिश्चित करना चाहती है।

भारतीय चुनाव में ईमानदारी बरतेंगे

बता दें कि कल मगलवार को जुकरबर्ग अमरीकी सीनेट की न्यायपालिका और वाणिज्य समितियों की संयुक्त सुनवाई के लिए उपस्थित हुए थे। जुकरबर्ग ने ब्रिटिश फर्म कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा लाखों फेसबुक यूजर्स के डेटा के कथित डाटा दुरुपयोग के मामले में एक सदन पैनल के सामने गवाही दी। उन्होंने फेसबुक के जरिए हुई गड़बड़ियां स्वीकारीं और कहा कि भारत में आगामी चुनाव में पूरी तरह ईमानदारी बरतेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में राजनैतिक विज्ञापन फेसबुक के जरिये ही दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त फेसबुक पोस्ट्स के जरिये विभिन्न पार्टियां वोटर्स को रिझाने की कोशिश करती हैं। उन्होंने कहा कि फेसबुक लोगों का भरोसा बहाल करने की कोशिश में है। इस सिलसिले में की जा रही कोशिशों का असर भारत में आगामी चुनावों के दौरान दिखेगा।

पहले भी जुकरबर्ग ने दिलाया था भरोसा

जुकरबर्ग ने 2018 में होने वाले चुनावों को लेकर फेसबुक पर पहले भी एक पोस्ट लिखा था। अपने पोस्ट में उन्होंने बताया था कि कंपनी ने चुनावों की सुचिता बरक़रार रखने के लिए कई कदम उठाए हैं और आगे भी कड़े कदम उठा सकती है। इस बार जुकरबर्ग ने माना है कि फेक न्यूज, हेट स्पीच, चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप, डाटा की निजता जैसे नुकसान को रोकने के लिए हम समय रहते पर्याप्त कदम नहीं उठा पाए। उन्होंने कहा कि "यह बड़ी गलती है और मैं माफी मांगता हूं।"

बता दें कि सीनेट की सुनवाई के दौरान जुकरबर्ग को फेसबुक पर लगे आरोपों को लेकर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा। इससे पहले मार्क जुकरबर्ग ने सोमवार को अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष लिखित बयान देकर भी डेटा दुरुपयोग को लेकर माफी मांगी थी।