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मोदी सरकार का दावा: चार साल 3 महीने में बिछाई गईं 2,574 किलोमीटर नई रेल लाइन

राज्यमंत्री राजेन गोहैन ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि 30 जून, 2018 तक यानी चार साल तीन महीने में 2,574 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई है।
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नई दिल्ली

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Shiwani Singh

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Updated: 11 Aug 2018, 1:47 PM IST

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नई दिल्ली। भारतीय रेल को और फैलाने में लगी मोदी सरकार ने दावा किया कि सरकार ने 30 जून, 2018 तक यानी चार साल तीन महीने में 2,574 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई है। बता दें कि यह बातें रेल राज्यमंत्री राजेन गोहैन ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा।

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झारखंड और कर्नाटक में बिछाई गईं नई रेल लाइने

राजेन गोहैन ने कहा कि रेलवे ने झारखंड में 240 किलोमीटर, कर्नाटक में 235 किलोमीटर, मध्यप्रदेश में 262 किलोमीटर, बिहार में 229 किलोमीटर और आंध्रप्रदेश में 221 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई हैं। वहीं, पूर्वोत्तर में 178 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई गई।

तेलंगाना में 186 किलोमीटर तो हरियाणा में 160 किलोमीटर बिछाई गई रेल लाइने

रेल राज्यमंत्री ने लिखित जवाब में आगे बताया कि तेलंगाना में 186 किलोमीटर, हरियाणा में 160 किलोमीटर, ओडिशा में 118 किलोमीटर, पश्चिम बंगाल में 86 किलोमीटर और राजस्थान में 73 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई गई है। इनके अलावा छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और पंजाब में भी नई रेल लाइनों का जाल बिछाया गया है।

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गोहैन ने बताया कि इस समय 180 नई रेल लाइन परियोजना पर काम शुरू होना है। इन परियोजनाओं के लिए कार्य योजना मंजूरी और कार्य शुरू होने के विभिन्न चरणों में है, जिनमें 3,56,120.17 करोड़ रुपऎ की लागत से 19,644.8 किलोमीटर लाइनें बिछाई जानी है।

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बता दें कि भारतीय रेल एशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। यहीं नहीं भारतीय रेल एकल सरकारी स्वामित्व वाला विश्व का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। 130 सालों में से भी अधिक समय तक रेल भारत के परिवहन क्षेत्र का मुख्य घटक रहा है। भारतीय रेल विश्व का सबसे बड़ा नियोक्ता है। इसके 13 लाख से भी अधिक कर्मचारी हैं।

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