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ट्विटर के बाद संसदीय पैनल ने गूगल और फेसबुक को भेजा समन, 29 जून को किया तलब

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने नागरिक अधिकारों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के मुद्दे पर अब फेसबुक और गूगल को मीटिंग के लिए बुलाया है
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Dheeraj Sharma

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Jun 28, 2021

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नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ( IT Ministry )से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने नागरिक अधिकारों की सुरक्षा और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के मुद्दे पर सोशल मीडिया के दो प्लेटफॉर्म खिलाड़ियों को तलब किया है।

ट्विटर के बाद अब फेसबुक ( Facebook ) और गूगल ( Google ) को आईटी मामलों की संसदीय समिति ने 29 जून को बुलाया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ( Shashi Tharoor ) की अध्यक्षता वाली इस समिति के सामने पहले ट्विटर के अधिकारी पेश हो चुके हैं।

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सोशल मीडिया के बेजा इस्तेमाल और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर चर्चा के लिए आईटी मामलों की संसदीय समिति ने फेसबुक और गूगल को समन जारी किया है।

दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों को मंगलवार को पैनल के समक्ष पेश होने को कहा गया है ताकि इन मुद्दों पर चर्चा की जा सके। दरअसल इन दोनों कंपनियों को ट्विटर के अधिकारियों से बातचीत के 10 दिन बाद बुलाया गया है। ट्विटर को संसदीय समिति ने 18 जून को तलब किया था।

इन बातों पर होगी चर्चा
इस मीटिंग के दौरान यूजर्स की ओर से प्लेटफॉर्म पर अपलोड की जाने वाली सामग्री और भारत में लागू कानूनों को लागू करने को लेकर बात की जाएगी।

इससे पहले ट्विटर की टीम ने संसदीय समिति से कहा था कि वह अपनी नीतियों का ही पालन करता है।
समिति ने ट्विटर को बताया था कि भारत कानून सर्वोच्च है और उसे यहां उसके मुताबिक ही काम करना होगा।
दरअसल फेसबुक और गूगल के साथ मीटिंग ऐसे वक्त में होने वाली है, जब केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच नए आईटी नियमों को लेकर छिड़ा विवाद खत्म नहीं हुआ है।

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केंद्र सरकार ने ट्विटर से कहा है कि उसे भारत के उन नियमों का पालन करना ही होगा, जिन्हें लोगों की रक्षा के मकसद से लागू किया गया है।

यही नहीं इसी विवाद के बीच शुक्रवार को ट्विटर ने एक घंटे के लिए देश के आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद के ही अकाउंट को ब्लॉक कर दिया था। हालांकि बाद में सफाई में कहा गया था कि कॉपीराइट के नियमों के उल्लंघन के चलते ऐसी कार्रवाई हुई है।