
पीएम नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली। नई दिल्ली। कोरोनावायरस ( coronavirus in india ) के बढ़ते खतरे के बीच एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) देश की जनता से रूबरू हुए। शुक्रवार की सुबह 9 बजे पीएम मोदी ने अपना वीडियो संदेश साझा किया।
इस संदेश के जरिये पीएम मोदी ने एक बार फिर कोरोना वायरस जैसे जानलेवा खतरे के प्रति देशवासियों को आगाह किया और इससे बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) को रामबाण हथियार बताया।
इतना ही नहीं पीएम मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से कुछ मांगा। उन्होंने 5 अप्रैल रविवार को लोगों से रात नौ बजे घरों की लाइट बंद कर दीप, मोमबत्ती, टॉर्च आदि के जरिये रोशनी करने का आह्वान किया। आईए आपको बताते हैं कि आखिर पीएम मोदी ने रोशनी को ही क्यों चुना।
पीएम मोदी के रोशनी की अपील करने के पीछे वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों वजह हैं। दरअसल इन दोनों ही क्षेत्रों में रोशनी या प्रकाश का अपना महत्व है।
नकारात्म चीजों को खत्म करता है प्रकाश
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो प्रकाश की वजह से नकारात्म चीजे नष्ट होती हैं। दरअसल प्रकाश में गर्मी होती है ऐसे में इसकी वजह से वायरस और बैक्टिरिया आदि आसानी से नष्ट हो जाते हैं।
अध्यात्म में भी प्रकाश का महत्व है। दरअसल रोशनी को रक्षा का कवच माना गया है। खास तौर दीपक की रोशनी। इससे सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में निरंतरता आती है।
वहीं सनातन धर्म में भी दीपक जलाने के पीछे जीवन को प्रकाशित करना बड़ी वजह बताया गया है। इतना ही नहीं दीपक दुख, दरिद्रता और दुर्भाग्य को दूर करता है।
Published on:
3 Apr 2020, 3:56 PM IST
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