1 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

खुशखबरीः जल्द ही बिना इंटरव्यू 1.4 लाख नौकरियां देगा रेलवे, 50% महिलाओं के लिए

इन पदों पर नियुक्ति के लिए कोई इंटरव्यू भी नहीं देना होगा। सिर्फ एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा पास करनी होगी। वहीं 50 फीसदी नौकरियां महिलाओं के लिए होंगी।
2 min read
Google source verification
Piyush

खुशखबरीः जल्द ही बिना इंटरव्यू 1.4 लाख नौकरियां देगा रेलवे, 50% महिलाओं के लिए

नई दिल्ली। मिशन 2019 लोकसभा चुनाव में जुटी मोदी सरकार ने देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में शुमार बेरोजगारी पर काम तेज कर दिया है। इसी क्रम में सरकार ने करीब 1 लाख 40 हजार नौकरियों का ऐलान किया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बिहार की राजधानी पटना में यह जानकारी दी है। हालांकि ये नौकरियां कब आएंगी इस संबंध में रेल मंत्री ने किसी समय सीमा का ऐलान नहीं किया है।

ये हैं नौकरियों से जुड़ी जानकारियां

पीयूष गोयल ने एक जनसभा में इन नौकरियों की जानकारी दी। इसमें महिलाओं के लिए भी विशेष अवसर उपलब्ध होंगे। रेल मंत्री के मुताबिक ये हैं नौकरियों की डिटेल्स...

- करीब 9500 से 10 हजार आरपीएफ (रेलवे पुलिस बल) के जवानों की भर्ती की जाएगी।
- करीब 1 लाख 30 हजार अन्य नौकरियां आएंगी।
- करीब 50 फीसदी नौकरियां महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
- इन पदों पर नियुक्ति के लिए कोई इंटरव्यू भी नहीं देना होगा।
- सिर्फ एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा पास करनी होगी।

अच्छा नहीं है जॉब मार्केट का हाल

उल्लेखनीय है कि देश में बेरोजगार युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लगभग हर सरकार के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है। हाल ही में नौकरियों के मोर्चे पर एक अहम बयान देते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आरक्षण को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें जॉब मार्केट की हकीकत काफी हद तक सामने आ गई। उन्होंने कहा था, 'आरक्षण रोजगार देने की गारंटी नहीं है क्योंकि नौकरियां कम हो रही हैं, क्योंकि बैंक में आईटी के कारण नौकरियां कम हुई हैं। सरकारी भर्ती रूकी हुई है। नौकरियां कहां हैं?'

प्रधानमंत्री ने यूं दिया था विपक्ष को जवाब

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंकड़ों का हवाला देकर विपक्ष को जवाब दिया था। उन्होंने ईपीएफओ के आंकड़ों के हवाले से बताया कि पिछले साल संगठित क्षेत्र में 70 लाख रोजगार मिले। उन्होंने बताया कि निर्माण गतिविधियों से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हुए हैं। इसके अलावा 15 हजार स्टार्टअप्स को सरकारी मदद दी गई, मुद्रा योजना के तहत 12 करोड़ लोन दिए गए हैं।