
जेएनयू ( JNU ) में हुई हिंसा का आरोप जेएनयू के ही कुछ छात्रों पर लगा है। इस पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास ( HRD ) मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि वह इस सूचना से व्यथित हैं। निशंक ने कहा कि जेएनयू प्रकरण में दिल्ली पुलिस की ओर से जांच में प्रथम दृष्टया विश्वविद्यालय के कुछ विद्यार्थी संलिप्त पाए जाने की सूचना से व्यथित हूं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। विश्वविद्यालय में हिंसा और अराजकता को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विवि को राजनीति का अड्डा ना बनाएं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि- "हम अपने शैक्षणिक संस्थानों में शांतिपूर्ण शैक्षिक माहौल के लिए कृतसंकल्पित हैं। विश्वविद्यालयों को हिंसा और राजनीति का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे सूचना दी गई है कि जेएनयू में हजारों विद्यार्थियों ने पंजीकरण कर लिया है जो तेजी से बढ़ रहा है।"
शीतकालीन सत्र की पढ़ाई में शामिल होने की अपील
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री निशंक ने जेएनयू के छात्रों से शीतकालीन सत्र की पढ़ाई में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों को पंजीकरण करने से रोका गया तथा शेष सभी विद्यार्थियों से मेरी अपील है कि वे तुरंत पंजीकरण में भाग लेकर शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएं एवं विश्वविद्यालय में गरिमा पूर्ण वातावरण बनाए रखें।
पहचाने गए आरोपियों में JNU छात्र संघ की अध्यक्ष भी शामिल
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में 5 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने 10 आरोपी छात्रों की पहचान करने का दावा किया है। जेएनयू हिंसा की जांच कर रही एसआईटी के हेड जॉय टिर्की के मुताबिक हिंसा में शामिल 10 छात्रों की पहचान कर ली गई है। इसमें जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष भी शामिल हैं। चिह्न्ति छात्रों को अभी हिरासत में नहीं लिया गया है। उन्हें नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
Updated on:
11 Jan 2020 11:00 am
Published on:
11 Jan 2020 08:22 am
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