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टेरर फंडिंग मामले में अलगाववादी नेता गिलानी के दामाद फंटूश पर चलेगा मुकदमा

एनआईए महीने के अंत तक दाखिल कर सकती है चार्जशीट। नेताओं के संदेश इधर-उधर भेजने का काम भी करता था गिलानी का दामाद फंटूश।
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नई दिल्ली

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Navyavesh Navrahi

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Updated: 12 Jan 2018, 7:57 PM IST

gilani's son in law

नई दिल्ली। गृहमंत्रालय ने नौ अलगाववादी नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अनुमति दे दी है। इसके तहत सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अलताफ फंटूश के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा शुरू हो सकता है। फंटूश और आठ अन्य लोगों को 2015 में कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद आतंकी गतिविधियों और पत्थरबाजी के लिए पाकिस्तान की ओर से की जा रही टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। गृहमंत्रालय से पिछले सप्ताह नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी। जबकि सूत्रों के अनुसार यूएपीए की धारा 45 के अनुसार- मुकदमा चलाने की स्वीकृति अगले हफ्ते तक स्पष्ट होगी। ऐसा न होने पर गिरफ्तार किए गए अलगाववादियों को जमानत मिल सकती है।

चार्जशीट में हाफिज सईद का नाम भी हो सकता है

एनआईए ने बीते साल जुलाई में फंटूश और आठ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के एक अधिकारी के अनुसार- अनुमति मिलते ही फंटूश के खिलाफ महीने के अंत तक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। चार्जशीट में पाकिस्तानी जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद का नाम भी हो सकता है। घाटी में अलगाववादियों से बातचीत करने के लिए पूर्व खुफिया प्रमुख दिनेश्वर शर्मा को वार्ताकार नियुक्त करने के कुछ समय बाद ही मुकदमे के लिए अनुमति मांगी गई है। जबकि हुर्रियत नेताओं ने वार्ताकार से बातचीत करने से इनकार कर दिया था।

चार्जशीट में फंटूश के अलावा ये नाम हैं

एनआईए की चार्जशीट में फंटूश के अलावा कश्मीरी बिजनेसमैन जहूर अहमद शाह वटाली, नईम खान, राजा मेहराजुद्दीन कलवल, बशीर अहमद भट्ट उर्फ पीर सैफूद्दीन, आफताब हिलाली शाह उर्फ शाहिद्दुल इस्लाम, फारूख अहमद डार उर्फ बिट्टा काराटे, मोहम्मद अकबर खांडे उर्फ एयाज अकबर तथा जावेद अहमद भट्‌ट के नाम शामिल होंगे।

नेताओं के संदेश इधर-उधर पहुंचाने का काम करता था फंटूश

एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में मई 2017 में अलगाववादियों और अलगाववादी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। एनआईए के अनुसार- फंटूश तहरीक-ए-हुर्रियत के संस्थापक सदस्यों में से है। एनआईए का मानना है कि फंटूश ब्रिटेन तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में रहने वाले कुछ लोगों के संपर्क में था। उसका काम नेताओं के संदेशों को एक दूसरे तक पहुंचाना था। चार्जशीट में उस डायरी का जिक्र भी होगा, जिसमें हवाला ओपरेटर्स के संपर्क, व्यापार तथा सीमा पार व्यापार व बैंक खातों का विवरण दर्ज है। वटाली को पूछताछ के कई दौरों के बाद गिरफ्तार किया गया था। पत्थरबाजों और आतंकियों को आर्थिक सहायता पहुंचने में वटाली प्रमुख रूप से शामिल था।