
नई दिल्ली। भारतीय बैंकों से लोन लेकर धोखा देने की नीयत से ब्रिटेन भाग गए शराब कारोबारी विजय माल्या के बुरे दिन शुरू हो गए लगते हैं। एक दर्जन से ज्यादा भारतीय बैंकों का पैसा न लौटाने की नीयत से ब्रिटेन में रह रहे विजय माल्या को वहां की स्थानीय अदालत से तगड़ा झटका मिला है। विजय माल्या को भारतीय बैंकों की ओर से दायर करीब 10 हजार करोड़ रुपये के मुकदमें में निराशा हाथ लगी है।
वापस करने होंगे पैसे
बता दें की शराब कारोबारी विजय माल्या पर बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। भारत सरकार ने माल्या को भगोड़ा घोषित कर उसके प्रत्यर्पण की कार्यवाही भी शुरू कर दी है।करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी व मनी लांड्रिंग के आरोपों की सुनवाई करते हुए लंदन की एक अदालत के न्यायाधीश एंड्रयू हेनशा ने माल्या को भारतीय बैंकों के साथ फ्रॉड का दोषी माना और उसकी सम्पत्तियों को जब्त करने संबंधी आदेश में दखल देने से इंकार कर दिया। विजय माल्या के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि भारतीय बैंक माल्या के खिलाफ वसूली के लिए इंडियन कोर्ट्स के आदेश को लागू करवाने की कार्यवाही कर सकते हैं। बता दें कि विजय माल्या ने अपनी बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस के लिए करीब 1.4 अरब डॉलर का कर्ज लिया था और जब कर्ज चुकाने की बारी आई तो वह विदेश भाग गया।न्यायाधीश एंड्रयू हेनशा ने भारतीय अदालत के उस आदेश को सही ठहराया जिसमे कहा है गया है कि माल्या को पैसे वापस चुकाने होंगे।
क्या होगा अदालती फैसले का असर
बताया जा रहा है कि अदालत के मंगलवार के फैसले से भारतीय बैंक इंग्लैंड व वेल्स में स्थित माल्या की परिसम्पतियों को जब्त करने सम्बन्धी कार्यवाही कर सकेंगे।बता दें कि माल्या के वैश्विक सम्पत्तियों को जब्त करने सम्बन्धी आदेश पहली ही दिया जा चुका है जिसके चलते माल्या अपनी संपत्तियों को न तो बेच सकता है, न ही उनका कोई और व्यवसायिक इस्तेमाल कर सकता है। माल्या के खिलाफ भारतीय बैंक काफी समय से पैसे वापस लेने के लिए संघर्ष कर रहे थे। इन भारतीय बैंकों में एसबीआई, बैंक आफ बड़ौदा, काॅरपोरेशन बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पीएनबी और यूको बैंक प्रमुख हैं।
इधर भारत सरकार माल्या को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। माल्या के खिलाफ भारत में धोखाधड़ी और मणि लांड्रिंग के कई मुक़दमे चल रहे हैं। लंदन कोर्ट के इस फैसले के बाद माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिशों को बल मिलेगा।
Published on:
9 May 2018, 8:04 AM IST
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