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केरल बाढ़ की सामने आई असली वजह, तमिलनाडु के मुल्लापेरियर बांध से पानी छोड़ना बना आफत

केरल सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि तमिलनाडु सरकार द्वारा मुल्लापेरियर बांध से अचानक पानी छोड़ना भी राज्य में आई भीषण बाढ़ का एक प्रमुख कारण रहा।
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नई दिल्ली

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Mohit sharma

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Updated: 24 Aug 2018, 10:25 AM IST

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केरल बाढ़ की सामने आई असली वजह, तमिलनाडु के मुल्लापेरियर बांध से पानी छोड़ना बना आफत

नई दिल्ली। देश के दक्षिण राज्य केरल में भारी बारिश के बाद बाढ़ ने तबाही मचाई है। बारिश बंद होने के बाद तबाही का यह मंजर अब लोगों में खौफ पैदा कर रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में जहां सैंकड़ों लोग अपनी जान गवां चुके हैं, वहीं लाखों लोग बेघर होकर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। एक और जहां इस आफत को अब तक कुदरत का कहर माना जा रहा था, वहीं बाढ़ की चौंकाने वाली वजह सामने आई है। दरअसल, केरल सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि तमिलनाडु सरकार द्वारा मुल्लापेरियर बांध से अचानक पानी छोड़ना भी राज्य में आई भीषण बाढ़ का एक प्रमुख कारण रहा।

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3.48 करोड़ की कुल आबादी

मुख्य सचिव द्वारा दायर एक हलफनामे में, केरल सरकार ने कहा कि चूंकि मुल्लापेरियर बांध में जलस्तर 137 फीट को पार कर गया था, उसके बाद केरल के अधिकारियों ने बांध के पास रहने वाले लोगों को युद्धस्तर पर वहां से हटाया था। हलफनामे में कहा गया कि केरल की लगभग 3.48 करोड़ की कुल आबादी में से 54 लाख से अधिक लोग या कुल आबादी का छठा हिस्सा बाढ़ से सीधे प्रभावित हुआ है।

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हलफनामे ने आगे कहा गया कि उसके इंजीनियरों द्वारा पहले ही चेता देने के बाद केरल के जल संसाधन सचिव ने तमिलनाडु में अपने समकक्ष और मुल्लापेरियर बांध की पर्यवेक्षी समिति के अध्यक्ष को जलाशय के पूर्ण स्तर तक पहुंचने की प्रतीक्षा किए बिना पानी को नियंत्रित रूप से छोड़ने का अनुरोध करने के लिए पत्र लिखा था। हलफनामें में कहा गया कि उसके बाद, तमिलनाडु सरकार से भी धीरे-धीरे पानी छोड़ने का अनुरोध किया गया था .. लेकिन इस संबंध में तमिलनाडु से बार-बार अनुरोध के बाद भी कोई सकारात्मक आश्वासन प्राप्त नहीं हुआ .."