जिन जगहों पर यह त्रासदी होगी वे भारत के ओखा, मोरमुगाओ, भावनगर, मुंबई, मैंगलोर, चेन्नई, विशाखापट्टनम, तूतीकोरन कोच्चि, पारादीप और पश्चिमी बंगाल के किडरोपोर तटीय इलाके होंगे। नासा की रिपोर्ट के अनुसार ग्लोबल वॉर्मिंग के असर से बर्फ के पिघलने का असर ज्यादा दिखेगा। भविष्य में तटीय इलाकों में रह रहे लोगों को इसे छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना होगा।