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रूस के बाद अब अमरीका से डिफेंस डील करेगा भारत, MH 60 हेलीकॉप्टर पर जल्द हो सकता है समझौता

अमरीका से मिलने वाला MH-60 सी हॉक्स हेलीकॉप्टर भारतीय नेवी के लिए बेहद अहम है
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नई दिल्ली

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Siddharth Priyadarshi

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Updated: 16 Nov 2018, 8:05 AM IST

MH 60 Chopper

रूस के बाद अब अमरीका से डिफेंस डील करेगा भारत, MH 60 हेलीकॉप्टर पर जल्द हो सकता है समझौता

नई दिल्ली। रूस के बाद भारत अब अमरीका से हथियारों की बड़ी डील करने के मूड में है। भारत अमरीका से 13,500 करोड़ रुपये के 24 MH 60 हेलीकॉप्टर खरीदना चाहता है। इस संभावित डील के बारे में खबरें पहले भी आ रही थीं, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। बता दें कि भारत के रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने पर अमरीका काफी नाराज था। उस समय कहा जा रहा था कि अमरीका भारत पर प्रतिबंध लगा सकता है। इस बात की भी चर्चा थी कि अमरीका इस हेलीकॉप्टर डील के लिए भारत पर दवाब बना रहा है। फिलहाल नए तथ्यों के सामने आने से अब सभी चर्चाओं पर विराम लग गया है।

भारत-अमरीका हेलीकॉप्टर डील

अमरीका से 24 MH-60 हेलीकॉप्टरों की खरीद अमरीकी विदेशी मिलटरी सेल्स कार्यक्रम के तहत होगी।2007 के बाद से यह पहला मौका होगा जब अमरीका भारत के साथ इतना बड़ा रक्षा सौदा कर रहा है। रूस और भारत के बीच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पर हुई डील सेअमरीका एकदम खुश नहीं था। बताया जाता है कि रूस से हुई मिसाइल डील के बाद अमरीका हेलीकॉप्टर डील के लिए भारत पर दवाब बना रहा था। लेकिन बाद में भारत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अमरीका ने रूस के साथ हुई डील पर वह भारत को विशेष छूट दे दी। उसके बाद भारत ने भी दोनों देशों के आपसी संबंधों में संतुलन साधने की कोशिश की और अमरीका के साथ हेलीकॉप्टर डील का फैसला किया। ऐसी खबरें आ रही हैं कि भारत सरकार ने इन लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की खरीदारी के लिए ट्रंप प्रशासन को 13,500 करोड़ रुपये की डील ऑफर की है। हेलीकॉप्टरों के अलावा भारत अमरीका से टोरपीडो और एंटी सबमरीन मिसाइल उपकरणों की खरीदारी का भी इच्छुक है।

नेवी की जरूरतें पूरी करेगा MH-60 सी हॉक्स

अमरीका से मिलने वाला MH-60 सी हॉक्स हेलीकॉप्टर भारतीय नेवी के लिए बेहद अहम है। नेवी के जंगी जहाजों की क्षमता को बढ़ाने और ताकत देने के लिहाज से सरकार इस डील को 2024 तक पूरा करने की कोशिश में है। चीन और पाकिस्तान जिस तरह से अपनी नेवी को मजबूत बनाने की राह पर हैं उसको देखते हुए भारत भी अपनी सुरक्षा के लिए बेहद चौकन्ना हो गया है। चीनी परमाणु और डीजल इलेक्ट्रिक सबमरीनस इन दिनों भारतीय समुद्री सीमा में बार-बार घुसने की कुचेष्टा करते रहते हैं।