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लांच होते ही विवादों में iPhone-10, फेसआईडी फीचर पर सुरक्षा एजेंसियों ने उठाए सवाल

सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि इन फीचर्स के साथ स्टोर किया जाने वाला डेटा बहुत निजी और सवेंदनशील होता है। जिसका दुरुपयोग किया जा सकता है।
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नई दिल्ली

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Devesh Kumar Sharma

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Updated: 14 Sep 2017, 3:37 PM IST

iPhone10

iPhone-10 (X)

सैन फ्रांसिस्को. एपल कंपनी के सीईओ टिम कुक ने आईफोन की 10वीं सालगिरह के मौके पर मंगलवार को स्टीव जॉब्स थियटर में एक साथ 5 प्रोड्क्ट्स लॉन्च किए थे। इनमें से सबसे ज्यादा चर्चित हुआ आईफोन-10 (एक्स)। इसकी व्यापक लोकप्रियता की वजह इस फोन के खास सिक्योरिटी फीचर्स हैं। कंपनी ने 2007 में पहले आईफोन का निर्माण किया था, लेकिन आईफोन-10 (एक्स) के फीचर्स पर विवाद उठ खड़ा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि इन फीचर्स के साथ स्टोर किया जाने वाला डेटा बहुत निजी और सवेंदनशील होता है। जिसका दुरुपयोग किया जा सकता है। वहीं इसे गोपनीयता का उल्लंघन भी माना जा रहा है। बता दें कि भारत सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस फोन की प्री-बुकिंग 27 अक्टूबर से शुरू होगी। जबकि बिक्री के लिए 3 नवंबर से उपलब्ध होगा।

इस डिवाइस का सबसे खास फीचर फेस आईडी है जो उपयोगकर्ताओं को चेहरे की पहचान कर अपने फोन को अनलॉक करने की अनुमति देता है। इससे व्यक्तिगत गोपनीयता तो बढ़ जाएगी लेकिन यूजर्स की दीर्घकालीन परेशानियां भी कम नहीं होगी। जबकि कंपनी अब पुलिस को संदिग्ध लोगों के फोन से सबूत जुटाने के लिए फोन को अनलॉक करने की अनुमति प्रदान कर सकती है। वहीं एपल के फीचर के अनुसार फोन का पॉवर बटन लगातार पांच दबाने से टच आईडी और फेस आईडी दोनों को डिसेबल किया जा सकता है।

फेसआईडी फीचर की मदद से किसी तरह के अनलॉक सिस्टम की जरुरत नहीं होगी। फेसआईडी अंधेरे में भी अपने यूजर के चेहरे को स्कैन करके बिना देर किए फोन अनलॉक कर देती है। वहीं कंपनी का दावा है कि 10 लाख लोगों में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसके चेहरे से फोन को लॉक खुलेगा। इसे सबसे सेक्योर बताया जा रहा है। फेस आईडी, टच आईडी की तुलना में ज्यादा तेज और सुरक्षित है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि नई तकनीक में हैकर्स की ओर से संभावित रूप से छेड़छाड़ की जा सकती है, जिससे आईफोन एक्स मालिकों को जानकारी चोरी करने और बेचने के लिए अपने फोन को अनलॉक करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, या अपने साथी के फोन के मैसेज देखने के लिए अपमान भी सहना पड़ सकता है। वहीं इस फीचर के भविष्य में दुरुपयोग को लेकर भी चिंताए जाहिर की जा रही है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फिंगरप्रिंट और फेस रिकॉग्निशन तकनीक का इस्तेमाल कर उपयोगकर्ताओं की बेहद निजी जानकारियां टेक कंपनियों की ओर से जुटाई जा रही है। इससे गोपनीयता का उल्लंघन हो रहा है। साथ ही भविष्य में इन डेटा का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। वहीं विह्सल ब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने भी इस फीचर को आकर्षक तो बताया लेकिन इसके व्यापक दुरुपयोग की आशंका भी जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह डिजाइन तो अच्छा है लेकिन इसका गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है।