3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

फिलिस्तीन ने अमरीका की पाबंदी को ब्लैकमेलिंग बताया, कहा—हम झुकेंगे नहीं

अमरीका ने गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक के लिए दी जाने वाली 20 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद पर रोक लगा दी है
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mohit Saxena

•

Updated: 26 Aug 2018, 9:32 AM IST

Palestine

फिलिस्तीन ने अमरीका की पाबंदी को ब्लैकमेलिंग बताया, कहा—हम झुकेंगे नहीं

रामल्ला। अमरीका ने फिलिस्तीन में गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक के लिए दी जाने वाली 20 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद पर रोक लगा दी है। फिलिस्तीन ने अमरीका के इस कदम को ब्लैकमेलिंग करार दिया है। अमरीका विदेश विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि यह फैसला फिलिस्तीनी क्षेत्र की सहायता कार्यक्रम की समीक्षा करने के बाद राष्ट्रपति के निर्देश पर लिया गया है।

अधिकार बिकाऊ नहीं है

उधर, फिलिस्तीन लिब्रेशन ऑर्गनाइजेशन की एग्जिक्यूटिव कमिटी की सदस्य हनन अशरावी ने इस पर कहा
कि अमरीकी प्रशासन ब्लैकमेलिंग को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। फिलिस्तीन की जनता और नेतृत्व इस परिस्थिति से बिल्कुल डरेगा नहीं और दबाव से हारेगा नहीं। फिलिस्तीन की जनता का अधिकार बिकाऊ नहीं है। गौरतलब है कि फिलिस्तीन और इजरायल के बीच बरसों से मतभेद सामने आते रहे हैं। अमरीका इजरायल का अहम सहयोगी है। वह उसे हथियारों के साथ कई मुद्दों पर उसका समर्थन करता है। इजरायल की ताकत का राज अमरीका है। वह उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बचाता है। वहीं फिलिस्तीन की छवि आतंकी गतिविधियों वाली बन गई है।

अमरीका और फिलिस्तीन के संबंध बिगड़े

अमरीका ने जनवरी में ही फिलिस्तीन के शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र को दिए जा रहे योगदान में बड़ी कटौती कर दी थी। ट्रंप के पिछले साल दिसंबर में जेरुसलम के विवादित शहर को इजरायल की राजधानी घोषित करने के बाद अमेरिका और फिलिस्तीन के संबंध काफी बिगड़ गए हैं। फिलिस्तीन ने वॉशिंगटन के साथ संपर्क खत्म कर दिया और उसका मानना है कि मध्य पूर्व की शांति प्रक्रिया में अमरीका कभी भी निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं हो सकता। अमरीकी प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि वेस्ट बैंक और गाजा में कार्यक्रमों के लिए आवंटित धन अब कहीं और उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम गाजा में सहयोग पहुंचाने में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पेश आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।