बता दें, जमाल खशोगी ‘वाशिंगटन पोस्ट’ के लिए काम करते थे। दो अक्टूबर को इस्तांबुल में शादी से पहले की कागजी कार्यवाही के लिए सऊदी के एक दूतावास के दौरे के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी। आरोप लगा था कि सऊदी अरब के अधिकारियों ने उनकी हत्या की है। दूतावास के अंदर जाने के बाद वह बाहर नहीं आए। खशोगी का शव भी अब तक नहीं मिला है।