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35 साल बाद सउदी अरब में 18 अप्रैल को खुलने जा रहा है सिनेमाघर

सउदी अरब के सिनेमाघरों में महिला और पुरुष एक साथ फिल्‍म देखने की इजाजत।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 5 Apr 2018, 2:58 PM IST

black panther

नई दिल्‍ली। पिछले कुछ समय से सउदी अरब में बदलाव की बयार जारी है। सउदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पहले महिलाओं को ड्राइविंग का अधिकार दिया और अब सिनेमाघरों में फिल्‍म दिखाने की इजाजत देकर देश का उदारवादी चेहरा दुनिया के सामने लाने की कोशिश की है। 18 अप्रैल को सउदी के रियाद शहर में पहला सिनेमा घर खुलने जा रहा है। इसके अलावा सलमान फीमेल रोबोट को भी अपने देश में नागरिकता दे चुके हैं।

अमरीकी कंपनी को पहला लाइसेंस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एएमसी एंटरटेनमेंट को सिनेमाघर चलाने के लिए पहला लाइसेंस दिया गया है। उम्मीद की जा रही है कि यह अमेरिकी कंपनी अगले पांच सालों में सऊदी अरब के 15 शहरों में 40 से ज्यादा सिनेमाघरों की शुरुआत करेगी। अमरीकी कंपनी 18 अप्रैल को पहली फिल्म मार्वल सुपर हीरो की ब्लैक पैंथर दिखाएगी। वहां के सूचना मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि वैसे तो सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं और पुरुषों का साथ-साथ बैठने पर पाबंदी है, लेकिन सिनेमाघर में वे साथ-साथ बैठकर मूवी देख सकेंगे। सरकार ने अपने आदेश के जरिए सिनेमाघरों में एक साथ बैठने पर से पाबंदी हटा ली है। सरकार की इन नीतियों से वहां के लोगों को खुशी की लहर है। खासतौर से वहां की महिलाएं इस अवसर को अपने लिए बेहतर जीवन का जरिया मानकर चल रही हैं। आपको बता दें कि सऊदी अरब की महिलाओं को पहली बार इसी साल जनवरी में स्टेडियम में प्रोफेशनल फुटबॉल मैच देखने की इजाजत मिली थी।

विजन 2030 का हिस्‍सा
सउदी अरब में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के इस कदम को उनके 2030 विजन का हिस्सा माना जा रहा है। इसका मकसद सउदी अरब को सिर्फ तेल पर ही निर्भर राष्‍ट्र न रखकर बेहतर अर्थव्यवस्था के लिए और दूसरे रास्ते को खोलना है। माना जा रहा है कि सिनेमाघरों को खोलने से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और इससे वहां की जीवनशैली में बड़ा बदलाव आएगा। सरकार की योजना वहां पर सांस्‍कृतिक केन्‍द्र खोलकर रोजगार के नए अवसरों को पैदा करना है। इसके लिए युवाओं को जरूरी प्रशिक्षण भी दिया जाएबा। इससे वहां पर मनोरंजन के विकल्प भी बढेंगे।