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मंगलवार को ट्रंप-जोंग की शिखर वार्ता, परमाणु निरस्‍त्रीकरण होगा बातचीत का इकलौता मुद्दा

ट्रंप और किम जोंग उन ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के लिए सिंगापुर पहुंच गए हैं और पूरी दुनिया उनकी बातचीत सफल होने की दुआ कर रही है।
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नई दिल्ली

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Mazkoor Alam

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Updated: 11 Jun 2018, 11:24 AM IST

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मंगलवार को ट्रंप-जोंग की शिखर वार्ता, परमाणु निरस्‍त्रीकरण होगा बातचीत का एकलौता मुद्दा

सिंगापुर : अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग मंगलवार को सिंगापुर समय से सुबह 9 बजे शिखर वार्ता के लिए द कैपेला होटल में बैठेंगे। इसके लिए दोनों नेता सिंगापुर पहुंच चुके हैं।

टिकी है पूरी दुनिया की नजर
बता दें कि उत्‍तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने दुनियाभर के तमाम प्रतिबंधों के आर्थिक, सामरिक व अन्‍य तरह के प्रतिबंधों के बावजूद अपने आप को परमाणु ताकत से लैस कर लिया था और अमरीका तथा दक्षिण कोरिया से उसकी तनातनी से तीसरे विश्‍व युद्ध का संकट दुनिया पर मंडराने लगा था। इस वजह से इस शिखर सम्‍मेलन पर पूरी दुनिया की नजरे टिकी है और सभी बातचीत के सफल होने की दुआ कर रहे हैं। अगर अमरीका उत्तर कोरिया को परमाणु हथियारों के परीक्षण और उसके परीक्षण स्‍थलों को नष्‍ट करने के लिए तैयार कर लेता है तो इसे बड़ी कामयाबी मानी जाएगी और पूरी दुनिया राहत का सांस लेगी। इस वजह से यह उम्‍मीद की जा रही है कि इस पहली मुलाकात में बातचीत का फोकस एरिया सिर्फ परमाणु निरस्त्रीकरण होगा।

प्‍योंगयांग ने भी की है सकारात्‍मक पहल
हालांकि बातचीत के सफल होने की उम्‍मीद लगाई जा रही है। इसकी वजह यह है कि तमाम अगर मगर के बावजूद तय समय पर हो रहा है। और लगातार अमरीका को कोसने वाले उत्‍तर कोरिया ने भी इस वार्ता में दिलचस्‍पी दिखाई है। बता दें कि अमरीका हमेशा से उत्तर कोरिया के परमाणु अभियान का विरोध करता रहा है। इसलिए बातचीत की पृष्‍ठभूमि बनाने के लिए हाल ही में उत्तर कोरिया ने अपने कई परमाणु परीक्षण ठिकानों को नष्ट कर दिया है। दूसरी तरफ ट्रम्‍प ने भी सकारात्‍मकता दिखाते हुए कहा है कि उन्‍हें उम्‍मीद है कि बातचीत सफल होगी।

अमरीकी राष्ट्रपति ने बताया शांति की एकलौती पहल
यह बैठक कितना महत्‍वपूर्ण है, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि अमरीकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इसे शांति की एकमात्र पहल करार दिया है। इतना ही नहीं उन्‍होंने यह भी कहा कि उन्‍हें लगता है कि यह बैठक सफल होने जा रही है। उन्‍हें नहीं लगता कि यह सिर्फ एक बैठक तक ही सीमित रहेगी। यह कई दशकों तक चलने वाला है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि सिंगापुर वार्ता सफल रहती है तो वह किम जोंग उन को अमरीका आने की दावत देंगे।

सुरक्षा ऐसी की परिंदा भी पर नहीं मार सके
बता दें कि इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन से पहले किसी भी अमरीकी राष्ट्रपति ने किसी उत्तर कोरियाई नेता से मुलाकात नहीं की है। यह उन दोनों देशों की पहली आधिकारिक मुलाकात होगी। इसके लिए सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप पर द कैपेला होटल निर्धारित की गई है। यहां सुरक्षा की ऐसी व्‍यवस्‍था है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता। मंगलवार को कार्यक्रम स्‍थल की ओर जाने वाले सारे रास्‍ते को बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।