27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अमरीका ने फिर दी चेतावनी, भारत जल्द ईरान से तेल आयात बंद करे

ट्रंप सरकार ने कहा कि भारत की परेशानियों को देखते हुए वह उनके लिए विकल्प ढूंढ़ रहे हैं
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mohit Saxena

•

Updated: 6 Oct 2018, 10:49 AM IST

trump

अमरीका ने फिर दी चेतावनी, भारत जल्द ईरान से तेल आयात बंद करे

वॉशिंगटन। अमरीका लगातार भारत से आग्रह कर रहा है कि वह जल्द ईरान से तेल आयात करना बंद कर दे। इस दौरान तेल से होने वाली परेशानियों को देखते हुए वह इसका विकल्प ढूंढ़ रहा है। व्हाइट हाउस ने गुरुवार को कहा कि उसने ईरान से तेल खरीदने वाले सभी देशों को दोबारा चेतावनी दी है कि चार नवंबर तक वे ईरान से तेल आयात बिल्कुल बंद करें या अमरीका के प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार रहें।

यह भी पढ़ें: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नहीं हुआ औपचारिक स्वागत, ये थी वजह

भारतीय अधिकारियों से बातचीत की

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने व्हाइट हाउस में कहा कि उन्होंने ईरानी तेल की खरीदारी को लेकर भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत की। बोल्टन ने पिछले माह यहां अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। उसके हफ्ते भर पहले ही नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। बोल्टन ने कहा कि वह भारत के लिए वैकल्पिक बाजार ढूंढ़ रहे हैं। इसके लिए भारत को अमरीका का साथ देने की जरूरत है।

तेल के वैकल्पिक विक्रेता ढूंढ़ रहे हैं

बोल्टन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान को लेकर भारत के सामने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक और चीज जो उन्हें लगता है कि वह महत्वपूर्ण है,चाहे वह इराक हो या भारत या कोई और देश हो। सभी देश विशेष रूप से जो ईरानी तेल का खरीददार रहा है हम उनके लिए कहना चाहेंगे कि हम तेल के वैकल्पिक विक्रेता ढूंढ़ने का पूरा प्रयास कर रहे हैं ताकि बाजार मूल्यों पर तेलों की वैकल्पिक आपूर्ति हो सके।'
ईरान सरकार पर दबाव बनाना है
बोल्टन के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन का मकसद चार नवंबर को ईरान पर फिर से नया प्रतिबंध लगाकर वहां की सरकार पर अधिकतम दबाव डालना है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद साफ है कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील नहीं दी जाएगी और उसके तेल और गैस के निर्यात को ठप कर देना है।