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सावधान:कहीं आप भी तो नहीं ले रहे अनजाने में ये जानलेवा दवाईयां

अमरोहा में भारी मात्रा में नकली दवाईयां पकड़ी थीं। जिन्हें जांच के लिए जब लैब भेजा गया तो 25 में से 23 दवाईयां फेल हो गयीं।
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मुरादाबाद

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Jai Prakash

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Updated: 4 May 2018, 6:31 PM IST

moradabad

मुरादाबाद: मुरादाबाद मंडल नकली दवा कारोबार करने वालों के लिए मुफीद बनता जा रहा है। जी हां कुछ ऐसा ही खुलासा इस बार स्टेट लैब की सैम्पल रिपोर्ट ने किया है। ड्रग्स विभाग की टीम ने बीती 26 मार्च को अमरोहा में भारी मात्रा में नकली दवाईयां पकड़ी थीं। जो नकली ही मालूम पड़ रही थीं। जिन्हें जांच के लिए जब लैब भेजा गया तो 25 में से 23 दवाईयां फेल हो गयीं। अभी 25 सैम्पल की रिपोर्ट आना बाकि है। जिसके बाद ड्रग्स विभाग के कान खड़े हो गए हैं। क्यूंकि इसकी रिपोर्ट शासन से भी मांग ली गयी है। यहां से दवाईयां कई राज्यों में व् प्रदेश के अलग अलग शहरों में सप्लाई हो रहीं थी। निश्चित रूप से इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। जिसका खुलासा होना बाकि है।

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नहीं डाला गया था बेस

जांच रिपोर्ट के मुताबिक देश-विदेश की नामचीन कंपनियों के नाम से तैयार कर बेची जा रही इन दवाओं में बेस नहीं डाला गया था। इनमें महंगी एंटीबायोटिक्स दवाएं, एलर्जिक क्रीम, दर्द निवारक दवाएं, इंजेक्शन, महंगी एंटासिड टेबलेट्स और महंगे सीरप शामिल हैं।

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इन जगहों पर होता था स्टोर

जिला औषधि निरीक्षक राकेश मोहन दीपक के अनुसार आरोपी नकली दवा तैयार कराकर मलिन व घनी बस्तियों में भंडारण करते थे। दवा की सप्लाई के दौरान बेहद सावधानी बरती जाती थी। ऐसे में सप्लाई के लिए मुरादाबाद को मुख्य केंद्र बनाया हुआ था। जिससे दवा लेने वाली पार्टियों को भी उनकी सही लोकेशन की जानकारी न हो। मुरादाबाद से दवा को लेकर जाने वाले लोग दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल व बिहार तक भेज रहे थे। इन दवाओं का स्टाक बुलंदशहर, मेरठ, गाजियाबाद व नोएडा की मलिन व घनी बस्तियों में किया जाता था।

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नकली दवाई का सबसे बड़ा भण्डार

वहीँ औषधि आयुक्त डॉ ए के जैन के मुताबिक ये अब तक सूबे में नकली दवाइयों का सबसे बड़ा स्टाक है। जिसकी जानकारी शासन ने भी मांगी है।सभी जिलों की टीम को अलर्ट कर दिया गया है। ताकि वे अपने अपने यहां इस तरह के अभियान चलायें। फ़िलहाल ये रिपोर्ट भेज दी गयी है। ये सीधे सीधे लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा था।

ये हैं वो दवाईयां

गुडसेफ,वाई क्लेब,सी-ए जेड,हेल्पीक्स-ओ,केव,वाई-क्लेव,क्लब,अल्ट्रासिप इनके अलावा भी कई एंटीबायोटिक मेडिसिन हैं। जो जांच में फेल हुई हैं।