
निर्जला एकादशी 2018 : अगर कर लेंगे ये उपाय तो जीवन में कभी नहीं होंगी ये परेशानियां
मुरादाबाद: हिन्दू धर्म में सभी त्योहारों और पर्वों का विशेष महत्व है। हर पर्व की अपनी मान्यता व सिद्धांत हैं। इन्हीं में से एक है इस महीने 23 जून को पड़ने वाली निर्जला एकादशी। कहते हैं निर्जला एकादशी का अपना महत्व है,महत्व है क्यूंकि खुद भगवान् विष्णु की तिथि एकादशी है। इस दिन भगवान् विष्णु का व्रत व पूजा मनुष्य को जीवन मृत्यु के पार सीधे मोक्ष में ले जाता है। बार बार जन्म के बंधन से मुक्त हो जाता है। इस दिन कैसे पूजा करें और क्या उपाय करें जिससे मनुष्य को लाभ मिले। इसके लिए टीम पत्रिका ने महानगर के वरिष्ठ ज्योतिषी पंकज वशिष्ठ से चर्चा की। उन्होंने विस्तार से इस पर्व और इसके विधान के बारे में जानकारी दी।
भगवान् विष्णु की है तिथि
ज्योतिष पंकज वशिष्ठ के मुताबिक इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और पानी तथा शरबत का दान किया जाता है। इस एक एकदाशी के व्रत से 23 एकादशियों के व्रत का फल मिलता है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में सबसे सर्वश्रेष्ठ मानी गई है।
ऐसे करें पूजा
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि कर भगवान् विष्णु को गाय के घी का दीपक कपूर और धुप लगाएं। भगवान् को केसर का तिलक लगाकर मंजरी युक्त तुलसी चढ़ाएं। साथ ही पंचमेवा के साथ केला चढ़ाएं। और फिर विष्णु सहस्र नाम स्त्रोत का पाठ करें।
मिलेगा मोक्ष
इस व्रत को करने वाला व्यक्ति दीर्घायु और मोक्ष को प्राप्त करता है। इस दिन यदि सुबह के समय पूजन न कर पाएं तो संध्या के समय भी पूजा कर सकते हैं। बाकि पूरा दिन गरीबों में दान करें।
इन उपायों से मुश्किलें होंगी कम
जिन जातकों का मुकदमा लंबित है या कोई परेशान कर रहा है तो वो इस दिन भगवान विष्णु के मंदिर में पीला ध्वज फहराए। निश्चित ही लाभ मिलेगा। वहीँ जिस कन्या के विवाह आदि में परेशानी आ रही है वो लाल या पीली रंग की साडी दान करें निश्चित लाभ मिलेगा। इसके साथ ही शिविर लगवाकर शरबत बांटें। जरुरत मंदों की मदद जरुर करें। जो भी संभव हो। यदि फल बांटे तो रस युक्त रहें तो ज्यादा बेहतर रहेगा।
Published on:
20 Jun 2018, 10:11 PM IST
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