लकड़ावाला के वकील मैथ्यूज नेदुमपुरा ने कहा कि याचिकाकर्ता जजों की छुट्टियां लेने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन न्यायपालिका के सदस्यों को एक ही समय में छुट्टी नहीं लेनी चाहिए। उन्हें इस तरह छुट्टी लेनी चाहिए कि कोर्ट पूरे साल काम कर सकें। लंबी छुट्टियों से वादियों के न्याय हासिल करने के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है।
साल में तीन बार होती हैं लंबी छुट्टियां
आपको बता दें कि हाईकोर्ट में हर साल तीन बार लंबी छुट्टियां होती हैं। एक महीने का ग्रीष्मकालीन अवकाश, दो हफ्ते की दिवाली छुट्टी और एक हफ्ते की क्रिसमस की छुट्टी शामिल है। हालांकि इस दौरान अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अवकाश बेंच उपलब्ध रहती है।