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Border Dispute: महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद का होगा अंत? मंथन बैठक में समाधान निकालेंगे पीएम मोदी

Belagavi Border Dispute: महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद कई सालों से चल रहा है। इस मामले को लेकर दोनों राज्यों में अक्सर टकराव देखा गया है। अब पहली बार प्रधानमंत्री ने इस विवाद का हल निकालने के लिए मध्यस्थता करने की पहल की है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 2 Nov 2022, 9:30 AM IST

PM Modi to mediate in Maharashtra-Karnataka border dispute

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद में पीएम मोदी करेंगे मध्यस्थता

Maharashtra-Karnataka Border Dispute: महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद जल्द ही सुलझने की संभावना है। दरअसल, इस मामले में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्यस्थता करने जा रहे हैं। दोनों राज्यों के सीमा क्षेत्र के मुद्दों को लेकर शुक्रवार (4 नवंबर) को कोल्हापुर में मंथन बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी के सुझाव के अनुसार यह दशकों पुराना मामला सुलझ जाएगा।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में महाराष्ट्र और कर्नाटक के राज्यपाल, दोनों राज्यों के कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे। महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच इतनी व्यापक और संयुक्त बैठक पहले कभी नहीं हुई। क्या इस बैठक से दशकों से चले आ रहे बेलगाम सीमा विवाद का कोई समाधान निकलेगा? यह सवाल सभी के मन में है। यह भी पढ़े-Maharashtra: ठाकरे और शिंदे सेना की याचिकाओं पर सुनवाई 4 हफ्ते के लिए टली, सुप्रीम कोर्ट ने आज दिए यह अहम निर्देश

महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद कई सालों से चल रहा है। इस मामले को लेकर दोनों राज्यों में अक्सर टकराव देखा गया है। अब पहली बार प्रधानमंत्री ने इस विवाद का हल निकालने के लिए मध्यस्थता करने की पहल की है। पीएम मोदी के निर्देश पर 4 नवंबर को महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच कोल्हापुर के शिवाजी विश्वविद्यालय में मंथन बैठक होगी।

बैठक में इन विषयों पर होगी चर्चा

महाराष्ट्र के शिवाजी विश्वविद्यालय में होने वाली बैठक में दोनों राज्यों की ओर से विवादित क्षेत्रों के कई मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। अलमट्टी बांध का मुद्दा भी शामिल है, जिससे बाढ़ के कारण कोल्हापुर और सांगली प्रभावित हैं। इसके लिए कर्नाटक सरकार बांध की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव लेकर आई है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने इसका कड़ा विरोध किया है।

इस मंथन बैठक में अलमट्टी बांध की ऊंचाई, हाथी का उपद्रव, गर्भावस्था परीक्षण, स्कूलों में दाखिला जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में महाराष्ट्र के लातूर, उस्मानाबाद, सांगली, कोल्हापुर, सोलापुर के जिला कलेक्टर शामिल होंगे। इस बैठक में कर्नाटक के सीमावर्ती जिलों के कलेक्टर भी शामिल होने वाले हैं।

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र बेलगाम, करवार और निप्पनी सहित कर्नाटक के कई हिस्सों पर दावा करता है, उसका तर्क है कि इन में बहुमत आबादी मराठी भाषी है। यह मामला कई वर्षों से देश की शीर्ष कोर्ट में लंबित है।

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