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Bhandara Flood: भंडारा में बाढ़ में बह गया 51 हजार बोरी धान, हजारों क्विंटल अनाज बर्बाद

Bhandara Rain News: भारी बारिश के कारण तुमसर तालुका के पिपरा गांव में मौजूद सहकारी संस्था (Paddy Buying Center) का हजारों क्विंटल धान (Paddy) बाढ़ के पानी में बह गया। इससे काफी नुकसान हुआ है। वर्तमान में सैकड़ों धान के बोरे किनारे पड़े हुए हैं।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 24 Aug 2022, 5:36 PM IST

Thousand Quintals Of Grain Wasted in Bhandara Rain

भंडारा में बारिश में बर्बाद हुआ हजारों क्विंटल अनाज

Maharashtra Bhandara Flood News: महाराष्ट्र के भंडारा (Bhandara) जिले में बारिश का ऐसा कहर बरपा है कि हजारों क्विंटल अनाज बर्बाद हो गया है। जिले में बीते दिनों झमाझम बारिश हुई, जिस वजह से नदी-नाले उफान मार रहे हैं। जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा नदी और नालों के किनारे बसे गांवों के लोगों को चुकाना पड़ा है। ऐसा ही एक प्रभावित गांव तुमसर तालुका (Tumsar Taluka) का पिपरा (Pipra Village) है।

मिली जानकारी के मुताबिक, दो दिन की बारिश के कारण गांव में मौजूद सहकारी संस्था (Paddy Buying Center) का हजारों क्विंटल धान (Paddy) बाढ़ के पानी में बह गया। इससे काफी नुकसान हुआ है। वर्तमान में सैकड़ों धान के बोरे किनारे पड़े हुए हैं। बोरे का धान भी अब सड़ चुका है। जिस वजह से इसकी बिक्री नहीं की जा सकती है। यह भी पढ़े-Maharashtra: शिव छत्रपति की कसम, आत्महत्या न करें... सीएम शिंदे ने किसानों को लिखा दिल छू लेने वाला पत्र

हाल ही में इस धान खरीदी केंद्र ने किसानों से धान खरीदा था। लेकिन बारिश से आई पानी की सैलाब ने हजारों क्विंटल धान को बर्बाद कर दिया। बताया जा रहा है कि अचानक रात में पास के नाले में पानी भर गया। जिसकी चपेट में सहकारी संस्था भी आई और वहां रखा पूरा धान पानी में बह गया।

बताया जा रहा है कि करीब 51 हजार बोरी धान पानी में बह गए। वहीँ, धान खरीद केंद्र को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि रात में आई बाढ़ इतनी भीषण थी कि धान की बोरियों को बचाने का भी मौका नहीं मिला।

धान खरीदी केंद्र के संचालन नितीन भोंडेकर ने राज्य सरकार से नुकसान का आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजा देने की गुहार लगाई है। दरसल केंद्र के संचालक ने अपनी जेब से धान खरीदा था। लेकिन, बाढ़ का पानी उनका सब कुछ बहाकर साथ ले गया। इस घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी दुखद हकीकत जस की तस बनी हुई है।