
Sameer Wankhede and Nawab Malik
मुंबई एनसीबी के पूर्व जोनल अधिकारी समीर वानखेड़े मामले में एनसीबी नेता नवाब मलिक को एक और झटका लगा है। नवाब मलिक की तरफ से समीर वानखेड़े की जाति को लेकर लगाए गए आरोपों पर जाति जांच समिति की रिपोर्ट आ गई है। समिति ने समीर वानखेड़ को इस मामले में क्लीनचिट दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि समीर वानखेड़े जन्म से मुसलमान नहीं थे। यह भी साबित नहीं होता है कि समीर वानखेड़े और उनके पिता ने इस्लाम धर्म अपना लिया था।
आदेश में कहा गया कि समीर वानखेड़े और उनके पिता ज्ञानेश्वर वानखेड़े हिंदू धर्म के महार -37 अनुसूचित जाति के हैं ये सिद्ध होता है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रह चुके नवाब मलिक, मनोज संसारे, अशोक काम्बले और संजय काम्बले ने जो समीर वानखेड़े की जात प्रमाणपत्र को लेकर जो शिकायत की थी उसने कोई तथ्य नहीं मिला इस वजह से उनकी शिकायत को खारिज किया जाता है। यह भी पढ़ें: Mumbai News: पहली बार फायर डिपार्टमेंट में दो महिलाओं को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी, 2012 से अग्निशमन विभाग में हैं तैनात
बता दें कि बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ड्रग केस के बाद एनसीपी नेता नवाब मलिक ने जोनल अधिकारी समीर वानखेड़े पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। नवाब मलिक ने आरोप लगाया था कि समीर वानखेड़े ने नौकरी पाने के लिए अपनी जाति छुपाई। इसके बाद समीर वानखेड़े ने नवाब मालिक पर आरोप लगाया कि नवाब मलिक ने जाति प्रमाण पत्र का मुद्दा सिर्फ इसलिए उठाया था क्योंकि एनसीबी की टीम ने नवाब मलिक के दामाद समीर खान को ड्रग मामले में गिरफ्तार किया था। समीर खान 2021 की पहली छमाही में जेल में थे। रिहाई के बाद नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े पर गंभीर आरोप लगाना शुरू कर दिया था।
एनसीबी नेता नवाब मलिक और अन्य ने समीर वानखेड़े पर आरोप लगाया था कि वानखेड़े के पिता ज्ञानेश्वर वानखेड़े ने हिंदू धर्म छोड़ दिया था और अपनी शादी करने के लिए मुस्लिम धर्म अपना लिया था। उनकी पत्नी जन्म से मुस्लिम थी। आरोपों के मुताबिक, समीर वानखेड़े मुस्लिम पैदा हुए थे और उन्होंने उस धर्म में निहित रीति-रिवाजों से एक मुस्लिम महिला से शादी भी की थी।
ट्वीट कर लिखा- सत्यमेव जयते: बता दें कि समीर वानखेड़े ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सत्यमेव जयते। मीडिया चैनल से बात करते हुए समीर वानखेड़े ने कहा कि मैंने देश की सेवा के लिए काम किया, लेकिन मुझे इस बात का दुख हुआ कि मेरे परिवार और मेरी मृत मां को भी नहीं बख्शा गया। मेरा परिवार आहत था और मेरा भी मनोबल टूट गया था। हालांकि हमारी सेवा में ऐसे मामलों का सामना करने के लिए हमें ट्रेनिंग दी जाती है। ऐसी राजनीति पर मैं किसी भी प्रकार का कोई भी टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं।
Updated on:
13 Aug 2022 06:18 pm
Published on:
13 Aug 2022 06:18 pm
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