
ठाणे में ठाकरे गुट के नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या (Photo:X/@AniketWagharal3)
Pradeep Purnekar murder Thane: ठाणे के मानपाड़ा इलाके में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के विभाग प्रमुख प्रदीप (बाला) पूर्णेकर की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके करीबी रहे पप्या शिंदे को गिरफ्तार किया है। पूर्णेकर पर मंगलवार रात उनके गणेश नगर स्थित कार्यालय के पास गोली मारने के बाद धारदार हथियार से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने मामले में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जघन्य हत्या के बाद प्रदीप पूर्णेकर के परिवार में मातम और भारी आक्रोश है। उनके ससुर ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "मेरे दामाद का स्वभाव बहुत अच्छा था। वह हर किसी की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। हमें न्याय चाहिए।"
जानकारी के मुताबिक, पप्या शिंदे और प्रदीप पूर्णेकर पुराने दोस्त थे, लेकिन नगर निकाय चुनाव के बाद से दोनों के बीच दूरी आ गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले 15 दिनों से शिंदे अचानक दोबारा पूर्णेकर के करीब आ गया था।
सबसे अहम बात यह है कि जिस समय पूर्णेकर पर हमला हुआ, उस समय पप्या शिंदे उनके कार्यालय में ही मौजूद था। हमले के बाद जब पूर्णेकर को कापूरबावडी स्थित इन्फिनिटी अस्पताल ले जाया गया, तब भी वह उनके साथ गया था। पुलिस के अनुसार, जांच में पप्या की भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, पप्या शिंदे के खिलाफ 2004 से करीब 8 से 9 संगीन मामले दर्ज हैं। उसे 2014 में जिले से तड़ीपार भी किया गया था। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ पूर्णेकर से उसके हालिया संबंधों और हत्या से पहले की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
इस मामले में पुलिस ने पप्या शिंदे, संतोष कनोजिया उर्फ टल्ली, निखिल यादव और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, पांच संदिग्धों में से चार की पहचान हो चुकी है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे राजनीतिक, व्यक्तिगत, आर्थिक या कोई अन्य विवाद था, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हत्या की वास्तविक वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी।
मामले में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की करीब 9 से 10 टीमें सक्रिय की गई हैं। जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। पुलिस आरोपियों के आने-जाने के रास्तों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर बाइक से आए थे और हमले के बाद मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर ने पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे पर अपने पिता को धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राजेंद्र शिंदे ने इस पूरी घटना को अंजाम देने की योजना बनाई। उन्हें न्याय चाहिए।
वहीं, प्रदीप पूर्णेकर के बड़े भाई जयनाथ ने दावा किया कि गणेश उत्सव के समय से ही संदिग्ध इलाके की रेकी कर रहे थे। योजना बनाकर बीती रात वारदात को अंजाम दिया गया।
प्रदीप पूर्णेकर के ससुर संजय खांगटे ने कहा कि उनके दामाद का स्वभाव बेहद अच्छा था और वह जरूरतमंदों की मदद करते थे। उन्होंने कहा कि पूर्णेकर ने कभी भ्रष्टाचार नहीं किया और सभी लोगों के साथ उनके अच्छे संबंध थे। खांगटे ने कहा कि प्रदीप पूर्णेकर की हत्या करने वाले आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर भी चिंता जताई।
प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के पीछे राजनीतिक, व्यक्तिगत, आर्थिक या किसी अन्य विवाद की भूमिका थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। परिवार की ओर से भी हत्या को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस हत्याकांड में करीबी दोस्त की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
शिवसेना उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के पीछे का कथित मास्टरमाइंड एकनाथ शिंदे की शिवसेना से जुड़ा है और उसकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने ठाणे की पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे, उनके परिवार और उनसे जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।
राज्यसभा सांसद राउत के मुताबिक, प्रदीप पूर्णेकर ने चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें बहुत कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। उनका पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे के साथ राजनीतिक टकराव चल रहा था। हालांकि, राउत की ओर से लगाए गए इन आरोपों की पुलिस जांच में अभी पुष्टि नहीं हुई है।
Updated on:
30 Sept 2026 05:05 pm
Published on:
30 Sept 2026 05:03 pm
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