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प्रदीप पूर्णेकर की हत्या पर भड़के संजय राउत, बोले- मास्टरमाइंड शिंदे गुट में; परिवार ने लगाया गंभीर आरोप

Sanjay Raut on Pradeep Purnekar Murder: प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद ठाकरे गुट और शिंदे गुट के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर संजय राउत ने सीधे शिंदे गुट से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं जांच एजेंसियां फिलहाल हत्या के वास्तविक कारण और हमलावरों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।
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मुंबई

•

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Dinesh Dubey

•

Sep 30, 2026

shiv sena leader Pradeep Purnekar Murder

प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड पर संजय राउत का बड़ा बयान (Photo: X/IANS)

Pradeep Purnekar murder Thane: महाराष्ट्र के ठाणे शहर के मानपाड़ा इलाके में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के बाद महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। मंगलवार रात पूर्णेकर पर गोली चलाने के बाद धारदार हथियार से भी हमला किया गया था। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए जाने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अब तक दो संदिग्धों को पुलिस ने पकड़ा है और पूछताछ कर रही है।

घटना के बाद ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय राउत ने राज्य सरकार और गृह विभाग पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए। राउत ने दावा किया कि पूर्णेकर की हत्या के पीछे के कथित मास्टरमाइंड उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट से जुड़े हैं। हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की जांच अभी जारी है।

‘पूर्णेकर की हत्या के मास्टरमाइंड शिंदे गुट में’

मीडिया से बातचीत में संजय राउत ने आरोप लगाया कि प्रदीप पूर्णेकर को गोली मारने वालों के पीछे के मास्टरमाइंड शिंदे गुट में हैं। उन्होंने इन कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने की मांग की। राउत ने पूर्व ठाणे महापौर मीनाक्षी शिंदे, उनके परिवार और उनसे जुड़े लोगों पर भी आरोप लगाए। इन आरोपों की भी अभी पुलिस जांच में पुष्टि नहीं हुई है।

राउत ने कहा कि पूर्णेकर एक निष्ठावान शिवसैनिक थे और उनकी हत्या बेहद गंभीर घटना है। उन्होंने राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस्तीफा देने की मांग भी की।

‘एक महीने में पांच हत्याएं’, राउत ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

संजय राउत ने ठाणे में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एक महीने में ठाणे में पांच हत्याएं हुई हैं और 25 सितंबर को गश्त के दौरान पुलिस अधिकारी किसन भोईर की भी हत्या हुई थी।

राउत ने सवाल उठाया कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच गृह विभाग और ठाणे पुलिस क्या कर रही है। उन्होंने ठाणे के पुलिस आयुक्त के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।

हालांकि, एक महीने में पांच हत्याओं का आंकड़ा राउत के बयान पर आधारित है। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार पूर्णेकर हत्याकांड में जांच जारी है और हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

बिल्डर और ड्रग्स रैकेट को लेकर भी लगाए आरोप

राउत ने दावा किया कि प्रदीप पूर्णेकर का स्थानीय स्तर पर बिल्डर लॉबी और कथित ड्रग्स रैकेट के खिलाफ संघर्ष चल रहा था। उनके अनुसार, पूर्णेकर मनोरमा नगर में प्रस्तावित क्लस्टर विकास और लोगों को विस्थापित किए जाने के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्णेकर ने कथित ड्रग्स रैकेट के खिलाफ पुलिस में लगातार शिकायतें की थीं। राउत ने आरोप लगाया कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। इन दावों की पुलिस की ओर से अभी पुष्टि नहीं हुई है।

परिवार ने किया बड़ा दावा

प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर ने पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे पर अपने पिता को धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि राजेंद्र शिंदे ने इस पूरी घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी।

वहीं, प्रदीप पूर्णेकर के बड़े भाई जयनाथ पूर्णेकर ने दावा किया कि गणेश उत्सव के समय से ही संदिग्ध लोग इलाके की रेकी कर रहे थे। जांच के बाद पांच नाम सामने आए है, जिनमें से पप्या शिंदे सहित दो को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्होंने पुलिस से मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

प्रदीप पूर्णेकर पर मंगलवार रात करीब 9 बजे मानपाड़ा-गणेश नगर इलाके में उनके कार्यालय के बाहर हमला हुआ था। पुलिस के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चलाई और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। हमलावरों के भागने के रास्तों का पता लगाने के लिए भी फुटेज खंगाली जा रही है। फिलहाल हत्या के पीछे की वास्तविक वजह पुलिस जांच का विषय है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या के पीछे राजनीतिक विवाद, व्यक्तिगत दुश्मनी या कोई अन्य कारण था और इस वारदात की साजिश में वास्तव में कौन-कौन लोग शामिल थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।