
शिवसेना विधायक की गुंडागर्दी का वीडियो वायरल
महाराष्ट्र की सियासत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ को मुंबई स्थित आकाशवाणी विधायक निवास की कैंटीन (Akashvani MLA Canteen) में खराब खाने को लेकर कर्मचारी से मारपीट करना भारी पड़ गया है। वायरल वीडियो के बाद मामला तूल पकड़ चुका है और मुंबई पुलिस अब शिवसेना नेता के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी में है।
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की जरूरत नहीं है। पुलिस को स्वयं संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संजय गायकवाड के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।" मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख के बाद मुंबई पुलिस हरकत में आ गई है और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए शिंदे गुट के विधायक संजय गायकवाड़ के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में शिवसेना विधायक तौलिया और बनियान पहने नजर आ रहे है और कैंटीन कर्मचारी पर थप्पड़-घूसों की बरसात कर रहे हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा का सत्र शुरू होने की वजह से बुलढाणा से शिंदे गुट के विधायक संजय गायकवाड़ मुंबई स्थित आकाशवाणी विधायक निवास में ठहरे हुए हैं। मंगलवार रात 10 बजे के करीब उन्होंने विधायक निवास की कैंटीन से दाल-चावल और रोटी का आर्डर दिया था। लेकिन जैसे ही उन्होंने पहला निवाला खाया, उन्हें खाना खराब लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दाल से बदबू आ रही थी और पहला निवाला खाते ही उन्हें उल्टी होने लगी। इसके बाद वह सीधे कैंटीन में गए। उन्होंने वहां काम कर रहे एक कर्मचारी को कई बार थप्पड़ मारा और फिर दिल नहीं भरा तो चेहरे पर भी मुक्का मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इस दौरान पीड़ित कर्मचारी उनसे माफी मांगते हुए भी वीडियो में दिख रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। हालांकि अब देखना होगा कि मुंबई पुलिस की जांच में क्या निकलता है और क्या वाकई संजय गायकवाड़ पर कानूनी शिकंजा कसता है।
हालांकि विवाद बढ़ता देख शिवसेना विधायक गायकवाड़ ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा सही था, लेकिन तरीका गलत था। पिछले कई साल से कैंटीन में गंदगी और खराब खाने की शिकायतें थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि उनकी इस कार्रवाई के बाद राज्यभर के होटल मालिकों ने अपने प्रतिष्ठानों की सफाई शुरू कर दी है।
आकाशवाणी विधायक कैंटीन संचालित करने वाली एजेंसी अजंता कैटरर्स का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। वहीँ, अन्न व औषध प्रशासन (FDA) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कैंटीन की गहन जांच की। जांच टीम ने कैंटीन से खाद्य पदार्थों और तेल के नमूने इकट्ठा किए, जिन्हें फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। एफडीए के एक अधिकारी ने बताया कि पनीर, शेजवान चटनी, तेल और तूर दाल के नमूने लिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट 14 दिनों में आएगी।
Updated on:
11 Jul 2025, 5:00 PM IST
Published on:
11 Jul 2025, 4:33 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.