
उत्तर मध्य मुंबई की 6 विधानसभा सीटों पर समस्याओं का बोलबाला
रोहित के. तिवारी
मुंबई. उत्तर मध्य मुंबई में कुल 58 उम्मीदवार मैदान में है जिसमें चांदीवली विधानसभा से 15 तो सबसे कम बांद्रा पश्चिम से चार उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उत्तर मध्य मुंबई की छह विधानसभा सीटों में स्थानीय स्तर पर विभिन्न तरह की परेशानियों से स्थानीय लोगों को वर्षों से दो-चार होना पड़ रहा है। सरकारें आती हैं और चली चली जाती हैं, लेकिन लोगों की समस्या जस की तस बनी रहती हैं।
ट्रैफिक जाम एक बड़ी मुसीबत...
उत्तर मध्य मुंबई की चांदीवली सीट में जहां लोग लोगों के सामने टूटी फूटी सड़कें की समस्या जस की तस बनी रहती है तो वहीं इस विधानसभा में लोगों के लिए ट्रैफिक जाम एक बड़ी मुसीबत बनी हुई है। वहीं उत्तर मध्य मुंबई की कालीना सीट में भी बारिश के दिनों में मीठी नदी का पानी ओवरफ्लो हो जाता है, जबकि ड्रेनेज व्यवस्था का लंबे अरसे से टोटा है, अस्पतालों की कमी है, सार्वजनिक शौचालयों की कमी समेत ट्रैफिक की समस्या जस की तस कायम है।
हॉकरों का जमावड़ा...
साथ ही उत्तर मध्य मुंबई की कुर्ला सीट में भी अधिकतर असलम बस्तियां हैं, जबकि हलाव पुल, सीएसटी रोड, कुर्ला कोर्ट रोड, बैल बाजार, कमानी, पाइप रोड जैसे स्थानों पर भी सुविधाओं का अभाव है। जबकि यहां कोई भी बड़ा और अच्छा सरकारी अस्पताल तक नहीं है तो वहीं कुर्ला स्टेशन के सामने हॉकरों का बड़ा जमावड़ा भी लगा रहता है।
यथावत नहीं गटर ड्रेनेज सिस्टम...
उत्तर मध्य मुंबई के बांद्रा पूर्व में भी समस्याएं कुछ कम नहीं हैं। यह इलाका बिजनेस हब के नजरिए से देखा जाता है, इसलिए यहां लाखों लोगों का रोजाना आवागमन रहता है। लेकिन यहां आने वाले लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम में फंसने के लिए मजबूर भी होना पड़ता है, जबकि गंदगी, गटर ड्रेनेज सिस्टम का यथावत न होना और ट्रैफिक जाम समेत कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
स्लम एरिया में शौचालयों की कमी...
बात करें उत्तर मध्य मुंबई के बांद्रा पश्चिम क्षेत्र की तो यह रियासी क्षेत्र है और यहां पर बड़ी-बड़ी फिल्मी हस्तियों से लेकर राजनेता तक निवास करते हैं। इसके बावजूद यहां पर विकास का अभाव साफ साफ नजर आता है। क्षेत्र के स्लम एरिया में जहां शौचालयों की कमी है तो वहीं बड़े स्तर पर ट्रैफिक की समस्या भी जस की तस बनी रहती है।
नशे को दिया जा रहा बढ़ावा...
उत्तर मध्य मुंबई की विलेपार्ले सीट पर भी बड़ी संख्या में परेशानियां लोगों को अत्यधिक परेशान करती हैं, जिसमें सबसे बड़ी परेशानी एयरपोर्ट के बगल में ट्रैफिक का जाम होना, शौचालय की समस्या समेत क्राइम रेस्क्यू ज्यादा होने के चलते यहां पर नशे को बढ़ावा दिया जा रहा है। जबकि दसियों साल से एसआरए प्रोजेक्ट भी यहां अधर में ही लटके पड़े हैं तो वहीं लोग लोहे के एंगल और गटर पटिया के बनाए गए घरों में ट्रांजिट के रूप में रहने को मजबूर भी हैं।
Published on:
22 Oct 2019 07:20 pm
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