जस्टिस विनय जोशी और जस्टिस वाल्मिकी एसए मेनेजेस ने सुनवाई के दौरान कहा कि छोटी स्कर्ट पहनना, उत्तेजक डांस करना, या ऐसे इशारे करना, जिन्हें पुलिस अधिकारी अश्लील कृत्य मानते हैं, उसको अश्लीलता नहीं कहा जा सकता और यह किसी को परेशान करने वाला भी नहीं था। कोर्ट ने माना कि वह इस मामले में प्रगतिशील रुख अपनाएगी और ऐसे फैसले केवल पुलिस अधिकारियों के विवेक पर नहीं छोड़ेगी।