
Mhada में हो रहे भ्रष्टाचार के खुलासे, इन तीन अधिकारियों पर गाज गिरना तय ?
रोहित के. तिवारी
मुंबई. म्हाडा बिल्डिंग रिपेयर एंड रिपेयर डेवलपमेंट बोर्ड (मरम्मत बोर्ड) के मास्टर लिस्ट घोटाला मामले में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। मुंबई के दादर इलाके में रिजर्व हाउस में एक आरक्षित घर के नाम पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गौरतलब है कि म्हाडा के उपाध्यक्ष मिलिंद म्हैसकर को धोखा देते हुए उन्हें अंधेरे में रखने को लेकर धन प्रबंधक, मुख्य लिपिक और क्लर्क की तिकड़ी का खुलासा हुआ है। इसलिए मौजूदा मास्टर सूची के नामों की धांधली मामले में अब एक नए मामले और संबंधित कर्मचारियों की जांच की जाएगी। वहीं इस पूरे मामले में मरम्मत बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश लोखंडे ने पाया कि इस मामले से संबंधित अधिकारियों की तिकड़ी आरोपियों ने एक-दूसरे पर गलती छिपाने के लिए आरोप लगा रहे हैं, जिसकी गहनता से जांच जारी है।
मामले में म्हाडा के तीन अधिकारी...
इस मामले की जांच मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश लोखंडे कर रहे हैं, म्हाडा अधिकारी अविनाश गोटे के साथ उपाध्यक्ष मिलिंद म्हैसकर के हस्ताक्षर के तहत मास्टर सूची में पांच नाम दर्ज किए गए थे। मामले की रिपोर्ट में विवरण प्रबंधक श्रद्धा कुट्टप्पन और क्लर्क कविता गुरव का भी दिखाया गया है। इन दो महिला कर्मचारियों की ओर से अपने साथी मुख्य लिपिक महेश देशपांडे के साथ किए गए एक नए तरह के वित्तीय काम का खुलासा किया गया है। दस्तावेजों से पता चला है कि उपाध्यक्ष और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की ओर से आरक्षित घरों के इस सौदे में अंधेरे में रखा गया था। इससे स्पष्ट है कि दस्तावेजों को संबंधित तिकड़ी की ओर से हस्ताक्षरित किया गया है।
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अच्छे वित्तीय लाभ के लिए फर्जीवाड़ा...
विदित हो कि मरीन लाइन्स में लक्ष्मीसदान नाम की एक इमारत में है, फ्लैटों के प्रतिस्थापन के लिए एक ही क्षेत्र में कोई आवास उपलब्ध नहीं होगा, जबकि मुंबई में कहीं और जगह दी जाएगी। उल्लेखनीय रूप से, यह मामला 1972 से म्हाडा से लंबित है। फिर 2018 में संबंधित व्यक्ति का नाम मास्टर सूची में दिया गया है। वहीं 48 साल के लंबे इंतजार के बाद 2018 में इस व्यक्ति ने म्हाडा से आवेदन किया कि उसे दादर क्षेत्र में गणेश भुवन भवन के दो घरों को आरक्षित किया जाए। तभी उन्होंने म्हाडा को सूचित किया कि 4 और 12वीं मंजिल आरक्षित थी। अक्टूबर 2019 में म्हाडा के उपाध्यक्ष मिलिंद म्हैसकर की ओर से इन मास्टरलिस्ट की सूची पर भी हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन महेश देशपांडे, कविता गुरव और श्रद्धा कुटप्पन की तिकड़ी को मिलीभगत से दादर में 4वीं मंजिल का घर कमाठीपुर में गोलाई नाम से व्यक्ति को दे दिया गया। विशेष रूप से कुट्टपम ने संपत्ति प्रबंधक के रूप में इस्तीफा देने के एक दिन पहले 3 दिसंबर को फाइल पर हस्ताक्षर किए। वहीं इस प्रकरण से म्हाडा के कर्मचारी में सुगबुगाहट है कि यह फर्जीवाड़ा अच्छे वित्तीय लाभ के लिए किया गया है।
हो रही है आगे की जांच...
इस मामले की जानकारी दी गई है। संबंधित शिकायतकर्ता और अधिकारियों ने मास्टर लिस्ट में कदाचार मामले के साथ-साथ इससे संबंधित अधिकारियों से दस्तावेजों की मांग की है और मामले में आगे भी जांच हो रही है।
- सतीश लोखंडे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, म्हाडा
विभाग करेगा जांच...
शिकायतकर्ता को शिकायत सतर्कता विभाग को सौंपनी चाहिए। विभाग की ओर से मामले की जांच की जाएगी। साथ ही कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए म्हाडा उपाध्यक्ष मिलिंद म्हैसकर को सूचित किया जाएगा।
- संजीव वर्मा, प्रमुख, सतर्कता विभाग म्हाडा
Published on:
23 Dec 2019 12:31 pm
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