8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

VIDEO: पंचायत ने मारे जूते आैर पुलिस ने भी दिया साथ तो परिवार ने घर के सामने लगाया एेसा बोर्ड

गांव के कर्इ परिवार दे रहे साथ
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मुजफ्फरनगर

•

image

Nitin Sharma

•

Updated: 25 Nov 2018, 1:23 PM IST

news

VIDEO: पंचायत ने मारे जूते आैर पुलिस ने भी दिया साथ तो परिवार ने घर के सामने लगाया एेसा बोर्ड

मुजफ्फरनगर।उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दंगों के बाद कर्इ परिवारों ने पलायन किया था। एक बार फिर यहां एक परिवार यहां से पलायन करने के लिए मजबूर हो गया है। इसी वजह पंचायत में बुलाकर युवक को जूते मारने और फिर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों की ओर से पीड़ित पक्ष पर मुकदमा दर्ज करना है।इससे पीड़ित परिवार समेत गांव के आधा दर्जन परिवारों ने गांव से पलायन करने की तैयारी कर ली है।

यह भी पढ़ें-बड़ी खबरः अधिकारियों ने दी एेसी चेतावनी कि व्यापारियों में मच गया हड़कंप

पंचायत में बुलाकर शख्स को मारे गये थे जूते

दरअसल मामला थाना भोपा क्षेत्र के गांव जौली का है।जहां पीड़ित इसरार अंसारी के विरूद्ध फर्जी मुकदमा दर्ज करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।इसकी वजह 17 नवंबर को इसरार व हन्नान पक्ष में पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था।आरोप है कि 18 नवंबर को हुई पंचायत में इसरार को पंचायत द्वारा जूते मारने की सजा दी गर्इ थी।18 नवंबर की रात में दबंगों द्वारा इसरार को मारपीट कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया गया।जिसमें इसरार पक्ष की ओर से पांच व्यक्तियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था।आरोप है कि तीन दिन बाद आरोपी पक्ष के सुलेमान द्वारा पीड़ित पक्ष के आधा दर्जन व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

गांव में लाउडस्पीकर से मुनादी कर मकान के बाहर लगा दिया ये बड़ा बोर्ड

पुलिस की दबिश से घबराकर इसरार के परिजनों ने मकान बेचकर गांव से पलायन करने की बात कही है। जब कि गंभीर हालत में युवक इसरार इसरार का इलाज जिला चिकित्सालय में जारी है। शनिवार को पीड़ित ने मकान पर मकान बेच देने के पर्चे चस्पा कर दिये। साथ ही गांव में मकान बेच देने की मुनादी करार्इ गर्इ। इस मामले में पुलिस अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया। इस पर पुलिस अधिकारियों ने घटना के बारे में अनभिज्ञता जताते हुए कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।