
सवर्णों को आरक्षण का बिल पास होने पर मुसलमान ओर किसानों ने दिया यह रिएक्शन- देखें वीडियो
मुजफ्फरनगर। देश में होने वाले लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले केंद्र सरकार सरकारी नौकरियों में सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का बिल ले आई है। इसको लाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एस-एसटी बिल मामले के दौरान भाजपा से नाराज चल रहे सवर्णों की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया है। यह बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हो जाने से सामान्य वर्ग के लोगों में खुशी की लहर है।
फैसले पर जताई खुशी
मुजफ्फरनगर में समाजसेवी शाहिद हुसैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सरकार का एक बहुत अच्छा कदम है। इससे सवर्ण समाज के गरीबों को भी मुख्यधारा में आने का मौका मिलेगा।
किसानों ने बताया चुनावी लॉलीपाप
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस बिल पर किसान वीर सेन का कहना है कि यह केवल सरकार का चुनावी लॉलीपॉप है। इससे कुछ नहीं होने वाला क्योंकि जब तक किसान और मजदूर के लड़कों को आगे बढ़ने का मौका नहीं दिया जाएगा तब तक इस देश में कुछ नहीं हो सकता। यह सरकार का केवल चुनावी स्टंट है। किसान जितेंद्र सिंह ने भी सरकार के इस फैसले को चुनावी स्टंट करार दिया।
चुनावी स्टंट बताया
इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता मोतीराम कश्यप का कहना है कि सरकार ने दलितों और पिछड़ों का हक छीनकर सवर्णों को देने का काम किया है क्योंकि देश में केवल 15% सवर्ण है, जिनमें मात्र 2 फीसदी गरीब हैं। उन्होंने भी इसे चुनावी स्टंट करार दिया है। वहीं, व्यापाी हसीन अहमद ने 5 फीसदी अारक्षण मुसलमानों को देने की मांग की है।
Updated on:
10 Jan 2019, 3:12 PM IST
Published on:
10 Jan 2019, 3:12 PM IST
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