
Nagaur. Randhawal Rajput Samaj Sangathan reached to submit a memorandum to the District Collector
नागौर. रणधवल राजपूत समाज संगठन की ओर से राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री एवं समाज कल्याण विभाग को संबोधित ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया कि दमामी विशुद्ध राजपूत हैं। दमामी समाज अन्य पिछड़ा वर्ग कि क्रम संख्या 56 पर अंकित है ऐसे में अन्य पिछडा वर्ग की क्रम संख्या 56 कि जाति को षड्यंत्र पूर्वक अनुसूचित जाति कि क्रम सँख्या 23 के साथ दर्ज करना न्यायोचित नही है। वर्ष 2013 में सरकार की ओर से इसके आगे मुस्लिम तथा गैर मुस्लिम जोडकऱ धर्म व समाज को खतरे में डालने का काम किया गया। इसकी वजह से न केवल स्कूलों में प्रवेश के दौरान बल्कि नौकरियों में भी काफी दिक्कतों का सामना करना है। इसी वजह से पटवारी भी प्रमाणपत्र को लेकर भ्रम की स्थिति में रहते हैं। समाज के सम्मान के लिए कई बार ज्ञापन दिया गया था। दमामी राजपूत है जो शुद्ध राजपूत जाति से है। इस लिए हमे दमामी रहने दिया जाए तथा दमामी वर्ग के साथ जुड़ा गैर मुस्लिम हटा कर हिंदू रणधवल राजपूत नाम जोड़ा जाए जिसका संगठन के पास पुख्ता सबूत प्राचीन इतिहास मौजूद है इस संदर्भ सहित उल्लिखित प्रमाण भी हैं। रणधवल राजपूत संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह दहिया, हरेंद्र सिंह पंवार, विक्रम सिंह नरेंद्र सिंह प्रकाश सिंह भाटी गणेश सिंह राणा बनवारी सिंह चौहान जितेंद्र सिंह कच्छावा महावीर सिंह आदी मौजूद थे।
रणधवल राजपूत समाज ने दिया ज्ञापन
Published on:
26 Jul 2021 11:13 pm
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