नागौर. सरकार चार साल में पूरी तरह विफल रही है। जश्न के नाम पर जनता के करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सरकार ने सत्ता में आने से पहले जो वादे किए वो पूरे नहीं किए। पन्द्रह लाख लोगों को नौकरी देने का वादा करने वाली सरकार ने नाम मात्र के लोगों को रोजगार दिया है। युवा व किसान परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर है। आज भी साढे तीन लाख पद खाली है। बेनीवाल ने कहा कि खान घोटाले में आरोपित सिंघवी को बरी कर पोस्टिंग दे दी। शासन की एजेंसी शासन के लोगों पर कार्रवाई नहीं करती। ऐसे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से होनी चाहिए।
बजरी घोटाले में सीएमओ भी शामिल
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी राज्य में बजरी खनन बंद नहीं किया जा रहा है। सीएमओ बजरी खनन घोटालों में शामिल है। माइन्स ने बजरी खनन का एमओयू निरस्त करने के बावजूद अवैध खनन हो रहा है। बजरी माफिया पूरे प्रदेश में सक्रिय है जिसमें सरकार के मंत्री भी शामिल है। बजरी खनन माफिया ने एक लाख करोड़ का घोटाला राजस्थान में किया है। नागौर, सीकर, बीकानेर आदि क्षेत्र हाई सिक्योरिटी जेल में बैठे अपराधी चाहे जिसके नाम की सुपारी दे रहे हैं। ये जिले गैंगवार का गढ बन गए हैं।
अपराधियों को मंत्रियों की शह
चुनावी घोषणा पत्र में भ्रष्टाचार, रोजगार, बिजली देने का वादा किया था लेकिन सरकार ने केवल 30 से 35 हजार लोगों को रोजगार दिया जबकि अब तक 12 से 13 लाख लोगों को नौकरी दी जानी थी। गांवों में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से कई स्कूली बच्चों ने स्कूल छोड़ दी। सरकार ने 17 हजार स्कूल सरकार ने बंद कर दिए और एक भी नया स्कूल नहीं खोला। कानून व्यवस्था का नाम नहीं है, नागौर, सीकर, बीकानेर जिले गैंगवार का गढ़ बन गए हैं। सत्ता पक्ष के मंत्री, सांसद व विधायकों का भी अपराधियों का सहयोग कर रहे हैं।
बंद हो राजनीतिक नियुक्तियां
बेनीवाल ने कहा कि सरकार वादे के मुताबिक युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दे, ताकि वे पढ़ाई के साथ नौकरी के लिए प्रतिस्पर्धा की तैयारी कर सके। राजनीतिक नियुक्तियां बंद करने की मंाग करते हुए बेनीवाल ने कहा कि हमने विधाानसभा में भी मुद्दा उठाया कि आरपीएससी चेयरमैन के 15 साल के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की जांच करवाई जानी चाहिए। बेनीवाल ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर आगामी 7 जनवरी को बाड़मेर में किसान हुंकार महारैली का आयोजन करेंगे, जिसमें लाखों की संख्या में किसान व युवा भाग लेंगे। इसके बाद बीकानेर में किसानों की रैली होगी।