29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

किसानों से छह महीने पहले वसूला प्रीमियम, ‘सरकार’ ने अब तक नहीं दिया

विडम्बना : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में राज्य सरकार का प्रीमियम शेयर जमा नहीं होने अटका किसानों को बीमा क्लेम- खरीफ-2021 में अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों का न मुआवजा दिया और न ही बीमा क्लेम मिल रहा
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नागौर

•

image

Shyam Lal Choudhary

•

Updated: 22 Feb 2022, 1:42 PM IST

ये तस्वीर बोलती है : नागौर तहसील क्षेत्र में 22 सितम्बर 2021 को हुई अतिवृष्टि व हवा से आडी पड़ी ज्वार।

ये तस्वीर बोलती है : नागौर तहसील क्षेत्र में 22 सितम्बर 2021 को हुई अतिवृष्टि व हवा से आडी पड़ी ज्वार।

श्यामलाल चौधरी
नागौर. प्रदेश की कांग्रेस सरकार राजनीतिक मंचों पर भले ही किसान हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। इन दिनों राज्य सरकार के दावों की पोल फसल बीमा क्लेम में हो रही देरी से खुल रही है। खरीफ-2021 में बीमा कम्पनी रिलायंस इंश्योरेंस ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नागौर जिले के लाखों किसानों का फसल बीमा कर अगस्त 2021 में ही प्रीमियम राशि वसूल ली थी, लेकिन राज्य सरकार ने अपने हिस्से का शेयर आज तक जमा नहीं करवाया है, जिसके चलते अतिवृष्टि से फसलें खराब होने के बावजूद किसान छह महीने बाद भी क्लेम का इंतजार कर रहे हैं। स्थिति यह है कि किसानों से रबी 2021-22 का भी प्रीमियम वसूला जा चुका है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में खरीफ-2021 में 5.19 लाख यूनिट का फसल बीमा किया गया। इसमें 3.91 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि कवर की गई, जिसकी कुल प्रीमियम राशि 254.43 करोड़ रुपए हुई। इसमें किसानों से प्रीमियम के रूप में कुल 28.95 करोड़ रुपए वसूले गए, जबकि राज्य सरकार को शेयर 112.74 करोड़ रुपए अब तक जमा नहीं हो पाया है। इतना ही शेयर केन्द्र सरकार का है।

किसानों से वसूला जाता है 2 प्रतिशत प्रीमियम
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रीमियम राशि का 2 प्रतिशत शेयर किसानों वसूला जाता है, जबकि शेष भाग का आधा राज्य सरकार और आधा केन्द्र सरकार द्वारा दिया जाता है। किसानों का शेयर बीमा करते समय ही वसूल लिया जाता है, लेकिन सरकार अपने हिस्से की राशि छह महीने बाद भी जमा नहीं करवा रही है, जिसके कारण किसानों को फसल बीमा का क्लेम समय पर नहीं मिल पाता है। ऐसा नहीं है कि यह देरी इस वर्ष ही हुई है, इससे पहले भी कई बार सरकार ने समय पर प्रीमियम राशि जमा नहीं करवाई, जिसके चलते नागौर सहित प्रदेश के लगभग सभी जिलों में किसानों को खरीफ-2021 का क्लेम अब तक नहीं मिल पाया है। जबकि किसानों से रबी-2021-22 का प्रीमियम भी वसूला जा चुका है।

अतिवृष्टि से हुआ था भारी नुकसान
गौरतलब है कि खरीफ-2021 में फसल पकने के समय सितम्बर व अक्टूबर में जिले में तेज हवा के साथ अति वृष्टि हुई थी, जिसके चलते नागौर, खींवसर, मूण्डवा, जायल, मेड़ता सहित जिले की लगभग सभी तहसीलों में फसलों को भारी नुकसान हुआ था। मूंग की फसल भीगने से एक ओर जहां एमएसपी पर बहुत कम खरीद हो पाई, वहीं बाजार में भी किसानों को बहुत कम भाव मिले थे। इसके बाद सरकार ने विशेष गिरदावरी करवाने के निर्देश तो दिए, लेकिन जिले के ज्यादातर किसानों को मुआवजा नहीं दिया। अब किसान इस उम्मीद में हैं कि उन्हें बीमा का क्लेम मिल जाएगा, लेकिन सरकार की ढिलाई के चलते क्लेम में भी देरी हो रही है।

प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा बोले - पता करवाऊंगा
पांच दिन पहले नागौर आए कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा से जब फसल बीमा योजना का प्रीमियम सरकार द्वारा जमा नहीं कराने के बारे में पूछा तो वे पहले तो दूसरी बातें करने लगे, लेकिन जब उनसे प्रीमियम जमा नहीं कराने को लेकर पूछा तो बोले - वे इस बारे में पता करवाएंगे।

सरकार के हिस्से का प्रीमियम नहीं मिला
खरीफ-2021 का क्लेम राज्य सरकार के हिस्से का प्रीमियम जमा होने के बाद ही तैयार हो पाएगा। अभी तक कम्पनी को सरकार द्वारा प्रीमियम नहीं दिया गया है।
- नीतिन कपूर, जिला प्रबंधक, रिलायंस इंश्योरेंस कम्पनी, नागौर