
नमक से किसानों को मिठास की अधूरी आस
जिले के पूर्वी छोर पर स्थित नावां विधानसभा में इस बार कांग्रेस और भाजपा में सीधी टक्कर होती दिख रही है। कांग्रेस से वर्तमान विधायक महेन्द्र चौधरी मैदान में हैं तो भाजपा से पूर्व विधायक विजयसिंह चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों प्रत्याशी चौथी बार आमने-सामने हैं, हालांकि 2008 के चुनाव में विजयसिंह निर्दलीय चुनाव लड़े थे और हार गए, लेकिन 2013 के चुनाव में उन्हें भाजपा ने टिकट दिया और जीत गए। 2018 में फिर महेन्द्र चौधरी जीत गए। इस बार फिर दोनों आमने-सामने है और दोनों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। सांभर झील में नमक बनाने का अधिकार क्षेत्र के किसानों को अब भी नहीं मिल पाया तो परिवहन सुविधा बढ़े और गांव शहर से जुड़े, जैसे मुद्दे यहां मतदाताओं के बीच चर्चा में हैं।
मुद्दा जो हर मन सवाल बना - क्या जिला बनेगा कुचामन?
नावां विधानसभा क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर कुचामन है। पिछले काफी समय से कुचामन को जिला बनाने की मांग चल रही थी। सरकार ने अगस्त 2023 में 19 नए जिले बनाए, जिसमें डीडवाना-कुचामन के नाम से जिला बना दिया, लेकिन जिला मुख्यालय कुचामन बनाने की आस अब भी पूरी नहीं हुई। अब जब चुनावी माहौल शुरू हुआ तो फिर से यह सवाल यहां लोगों के बीच उठता दिख रहा।
2018 चुनाव में मिले मत
कांग्रेस - महेन्द्र चौधरी - 72,168
भाजपा - विजयसिंह चौधरी - 69,912
जीत का अंतर - 2256
इस बार मतदाता
कुल - 2,67,787
पुरुष - 1,37,691
महिला - 1,30,094
थर्ड जेंडर - 2
प्रत्याशियों के वादे
विधानसभा क्षेत्र के बड़े मुद्दे
क्या कहते हैं मतदाता
कांग्रेस सरकार ने आचार संहिता लगने से पहले कुचामन को जिला बनाने की घोषणा की, इसलिए यहां के लोगों की उम्मीद अब दुगुनी हो गई है। ऐसे में चुनाव के बाद इस घोषणा को हकीकत में बदला जाना चाहिए।
- रामदेव नायक, कुचामन
कुचामन सहित नावां विधानसभा क्षेत्र में काम तो काफी हुए हैं, लेकिन लोगों को पूरा पानी अब भी नहीं मिल रहा है। बेरोजगारी यहां का बड़ा मुद्दा है। इसके साथ महिलाओं को सुरक्षा सुनिश्चित हो। कुचामन को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
- संजना बुगालिया- कुचामन
Published on:
22 Nov 2023 12:44 pm
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