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अब सरकार के गले की घंटी बने सरपंच, 26 को करेंगे विधानसभा कूच

राजस्थान के नागौर में सरपंचों ने अपनी मांगों को लेकर ग्राम पंचायतों में तालाबंदी कर कलक्टर के जरिए सरकार को भेजा पत्र।
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नागौर

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Dharmendra Gaur

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Updated: 23 Feb 2018, 5:49 PM IST

Nagaur latest sarpnach news

Nagaur Sarpanch

नागौर. सरपंच संघ राजस्थान के आह्वान पर सरंपचों की ओर से गुरुवार को जिले भर की ग्राम पंचायतों में तालाबंदी की गई। सरपंच संघों ने अपनी मांगों का ज्ञापन कलक्टर के जरिए सरकार को भिजवाया। सरपंच संघ की विभिन्न लम्बित मांगों के संबंध में राज्य सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने पर जिले भर में ग्राम पंचायतों के तालाबंदी की। Nagaur जिला सरपंच संघ अध्यक्ष अर्जुनराम काला व मूण्डवा ब्लॉक अध्यक्ष इन्द्रचंद फिड़ोदा ने बताया कि ग्राम पंचायतों में तालाबंदी के बाद अब सरपंच 26 फरवरी को विधानसभा का घेराव करेंगे।
ग्राम पंचायतों को दे अधिकार
सरपंचों का कहना है कि उनकी मांग रही है कि केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी पर्यवेक्षण को लेकर पंचायती राज संस्थाओं को सौंपे गए प्राथमिक शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा, कृषि, स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के ग्राम पंचायत स्तरीय सभी कार्य कर्मचारी एवं कोष पूर्णत ग्राम पंचायतों के नियंत्रण में किए जाए तथा शेष 24 विषयों को भी पंचायत राज संस्थाओं को स्थानांतरित किया जाए।
दुबारा हो बीपीएल का सर्वे
ज्ञापन में लिखा है कि 2002 के बीपीएएल सर्वे को आधार मानने से केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं का पात्र परिवारों को लाभ नहीं मिल रहा है। इसलिए आगामी तीन माह में बीपीएल सर्वे करवाकर लोगों को लाभ दिलाया जाए। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जोडऩे की निर्धारित सीमा 69.06 से बढ़ाकर वर्ष 2017 की जनसंख्या के अनुपात में लगभग 85 प्रतिशत किया जाए। सरपंच संघ ने मांग की है कि किसान हित में निराई, गुढाई एवं फसल कटाई कार्य मनरेगा योजना की श्रेणी 4 के कार्यों में शामिल किया जाए।
ई टेंडर प्रणाली में मिले छूट
सरपंच संघ ने ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले सभी कार्यों की सामग्री का क्रय जिला स्तरीय दर निर्धारण समिति की ओर से अनुमोदित की गई बीएसआर दर पर करने, ग्राम पंचायतों के कार्य के लिए उपापन नियम 2013 में संशोधन कर ई टेंडरिंग व टेंडरिंग प्रणाली से छूट देने, मनरेगा में 10 लाख तक के कार्योंकी स्वीकृति के अधिकार ग्राम पंचायतों को देने, पांच लाख से ऊपर के कार्य मस्टररोल पर नहीं करवाकर वर्क टेंडर के रूप में करवाने के आदेशों को वापस लेने की मांग की है। इस अवसर पर कई ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित थे।