
Lightning: ओडिशा में आए नॉरवेस्टर (कालबैसाखी) तूफान के साथ भारी बारिश और वज्रपात ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया। विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में तीन नाबालिगों सहित कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। इस अचानक हुई प्राकृतिक आपदा ने राज्य भर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
कोरापुट जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां परीडीगुडा गांव में एक झोपड़ी पर बिजली गिरने से ब्रूडी माडिंगा (एक बुजुर्ग महिला), उनकी पोती कासा माडिंगा और अंबिका कासी की मौत हो गई। इस घटना में पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें मृतका ब्रूडी माडिंगा के पति हिंगू माडिंगा भी शामिल हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इसी जिले के सेमिलीगुडा ब्लॉक में दासा जानी नामक 32 वर्षीय युवक की मौत उस समय हो गई, जब वह नदी में मछली पकड़ रहा था और आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया।
नबरंगपुर जिले के उमरकोट ब्लॉक के बेनोरा गांव में भी बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें चैत्यराम माझी और उनके भतीजे ललिता माझी गंभीर रूप से घायल हो गए। ललिता माझी को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि चैत्यराम का इलाज उमरकोट के एक अस्पताल में जारी है।
जाजपुर जिले के बुदुसाही गांव में खेल रहे दो नाबालिगों की भी शुक्रवार शाम बिजली गिरने से मौत हो गई। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। गजपति जिले के उदयगिरी थाना क्षेत्र में दमयंती मंडल नामक महिला की वज्रपात से मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी दिन गंजम जिले में दो और ढेंकनाल के कामाख्यानगर क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि भी आकाशीय बिजली से हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में नॉरवेस्टर के प्रभाव से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश हुई। इससे पहले 2022 से 2024 के बीच ओडिशा में बिजली गिरने से 1,075 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।
सरकार की ओर से राहत और पुनर्वास कार्य शुरू कर दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता देने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।
Updated on:
17 May 2025, 9:20 AM IST
Published on:
17 May 2025, 9:20 AM IST
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