
आप नेता गोपाल राय और सौरभ भारद्वाज। फोटो-IANS
AAP on CJP Protest Delhi: दिल्ली में सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी(AAP) ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिसपर निशाना साधा है। आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सरकार के निर्देश पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। वहीं, पार्टी नेता गोपाल राय ने प्रदर्शन पर रोक लगाने, मेट्रो और रेल सेवाओं पर पाबंदियों तथा भारी पुलिस बल की तैनाती को लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन बताया।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को घसीटकर थानों में ले जाया गया और कई लोगों को पिछले दो दिनों से हिरासत में रखा गया है।
भारद्वाज ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस दक्षिणपंथी तत्वों को बचा रही है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ऐसे लोगों को संरक्षण देती है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि पर भी पड़ सकता है।
कांग्रेस की भूमिका से जुड़े सवाल पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पार्टी को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, यह उसका अपना निर्णय है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब युवा सीजेपी, वामपंथी छात्र संगठनों या आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन के आह्वान पर विरोध प्रदर्शन करते हैं, तो अलग-अलग विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता भी इसमें शामिल होते हैं।
उन्होंने प्रदर्शन को जनता का आंदोलन बताते हुए दावा किया कि इसे व्यापक समर्थन मिल रहा है। भारद्वाज के मुताबिक, भारी पुलिस तैनाती, रेल और मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों, सीमाओं को सील करने और इंटरनेट सेवाएं रोकने के बावजूद करीब 7,000 युवा गिरफ्तारी देने के लिए तैयार थे। उन्होंने इसे देश में बदलाव का संकेत बताते हुए कहा कि भाजपा इस बदलाव को रोक नहीं पाएगी।
आप नेता गोपाल राय ने भी सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर रोक लगाए जाने की आलोचना की। उन्होंने इसे भारत के राजनीतिक इतिहास का काला दिन बताते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर देश में 'ब्लैक इमरजेंसी' थोपने का आरोप लगाया। गोपाल राय ने कहा कि यह लड़ाई देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए है। उनके मुताबिक, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए वोटों की सुरक्षा जरूरी है।
गोपाल राय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया समाप्त करने तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
Updated on:
11 Oct 2026 04:27 pm
Published on:
11 Oct 2026 04:23 pm
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