
Agneepath Scheme Supreme Court To Hear Plea Against Demand To Withdraw The Scheme
सैन्य भर्ती के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई अग्निपथ योजना को लेकर विरोध कम नहीं हो रहा है। एक तरफ इस योजना को लेकर सियासी पारा हाई है तो दूसरी तरफ ये मामला कानूनी रूप भी ले चुका है। देश के सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में भी अग्निपथ योजना को रोके जाने की मांग को लेकर तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार 19 जुलाई को अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अग्निपथ योजना से जुड़े सभी मामलों को दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है।
इससे पहले शीर्ष अदालत में दाखिल याचिकाओं में फिलहाल अग्निपथ योजना पर रोक लगाने की मांग की गई थी। वहीं इस मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से किसी भी तरह का फैसला लिए जाने से पहले सरकार का पक्ष जानने का आवेदन किया था।
शीर्ष अदालत में यह मामला जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, सूर्यकांत और ए एस बोपन्ना की 3 सदस्यीय बेंच के सामने सुनवाई के लिए लगा है। इन तीन सदस्यों की बेंच ही तीनों याचिकाओं और सरकार के पक्ष से जुड़े मामले की सुनवाई की।
वहीं सुप्रीम कोर्ट में जो तीन याचिकाएं सुनवाई के लिए लगी हैं, उनके याचिकाकर्ता हैं- हर्ष अजय सिंह, मनोहर लाल शर्मा और रविंद्र सिंह शेखावत।
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याचिकाकर्ताओं की सुप्रीम कोर्ट से मांग
शीर्ष अदालत में दाखिल तीन अलग-अलग याचिकाओं में जो मांग की गई है उसके मुताबिक, फिलहाल इस अग्निपथ योजना पर रोक लगा दी जाए, इसके साथ ही जो लोग सेना की नौकरी पाने की प्रक्रिया में पहले से ही हैं उन पर ये योजना लागू नहीं की जानी चाहिए।
क्या है केंद्र सरकार का पक्ष?
इन याचिकाओं दाखिल किए जाने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने भी अपना पक्ष रखा है। दरअसल मोदी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में कैविएट दाखिल की है। इसमें अपील की गई है कि कोर्ट कोई भी फैसला लेने से पहले उसका पक्ष सुने।
शुरू हो चुकी भर्ती की प्रक्रिया
दूसरी तरफ अग्निपथ योजना के तहत सेनाओं में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के तहत भर्ती के लिए बड़ी संख्या में युवाओं का रिस्पॉन्स भी देखने को मिल रहा है।
क्या है याचिकाकर्ताओं की दलील?
याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा ने योजना पर रोक के लिए जो तर्क दिया है उसके मुताबिक ये योजना गलत तरीके से लागू की गई है। उन्होंने इसे देशहित के विरुद्ध बताते हुए रद्द करने की मांग की है। अन्य याचिकाकर्ता हर्ष अजय सिंह ने मांग की है कि कोर्ट सरकार को योजना की दोबारा समीक्षा का आदेश दे।
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Updated on:
19 Jul 2022, 12:50 PM IST
Published on:
19 Jul 2022, 10:32 AM IST
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